FATF की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान, तुर्की-मलेशिया ने बचाया

आतंकवादियों को आर्थिक मदद रोकने की दिशा में काम करने वाली संस्था एफएटीएफ की बैठक पेरिस में 16 फरवरी से शुरू हुई और यह 21 फरवरी तक चलेगी.

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पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में बरकरार पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में बरकरार

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 7:13 PM IST

  • पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में ही बरकरार
  • आतंकियों पर नकेल कसने में रहा असफल

फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही बरकरार रखा है. सूत्रों के अनुसार, ग्रे लिस्ट में रखे जाने को लेकर तुर्की और मलेशिया ने पाकिस्तान का समर्थन किया था. पेरिस में चल रही एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान से धनशोधन और आतंक वित्तपोषण के दोषियों को कठघरे में लाने के लिए कानूनों को और कसने की मांग की है.

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आतंकवादियों को आर्थिक मदद रोकने की दिशा में काम करने वाली संस्था एफएटीएफ की बैठक पेरिस में 16 फरवरी से शुरू हुई और यह 21 फरवरी तक चलेगी.

हालांकि पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वो इस बार FATF की ग्रे सूची से बाहर निकल जाएगा.

FATF की ग्रे सूची में क्यों?

टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंतर्राष्ट्रीय वॉचडॉग FATF ने पाकिस्तान को 27 सूत्री वर्कप्लान दे रखा है. इसके तहत पाकिस्तान को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने की दिशा में सख्त कदम उठाने हैं.

पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि 14 बिन्दुओं पर अमल हो चुका है. 11 और बिन्दुओं पर भी आंशिक तौर पर कार्रवाई हुई है. कम से कम दो बिन्दु ऐसे हैं जिन पर अमल संभव नहीं है.

FATF ने कहा- और सख्त करें कानून

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दूसरी ओर FATF ने कहा है कि पाकिस्तान को अपने कानूनों को और सख्त बनाना चाहिए. साथ ही टेरर फाइनेंसिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए जो संगठन या व्यक्ति जिम्मेदार हैं, उन्हें कानूनी उपायों से अंजाम तक पहुंचाना चाहिए.

हाफिज सईद को सजा का भी दिया हवाला

पाकिस्तान ने FATF को प्रभावित करने के इरादे से अपने बचाव में जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद से जुड़े मामले का भी हवाला दिया है. हाफिज को टेरर फाइनेंसिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामलों में साढ़े पांच-साढ़े पांच साल की सजा सुनाई गई है. दोनों सजाएं साथ चलेंगी.

पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक इस सजा से साबित होता है कि देश का न्यायिक तंत्र स्वतंत्र है और कोर्ट हर केस के गुण-दोष के मुताबिक फैसले सुनाती है.

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एंटी टेरर कोर्ट ने हाफिज को सुनाई थी सजा

बता दें कि एंटी टेरर कोर्ट ने हाफिज को चैरिटी संस्थाओं, उनके दफ्तरों और संसाधनों को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग के लिए दुरुपयोग करने का दोषी माना. ATC ने हाफिज पर 15,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

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