चिनाब का पानी देख हलक में आई पाकिस्तान की जान, सिंधु संधि निलंबन का असर!

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत ने चिनाब नदी में संभावित बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. प्रशासन का दावा है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर स्थित सलाल डैम के स्पिलवे गेट खोले हैं, जिससे पानी का स्तर बढ़ सकता है. सियालकोट और मराला बैराज के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है और इमरजेंसी कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं.

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भारत से बढ़ते पानी के खतरे के दावे के बीच पाकिस्तान ने चिनाब किनारे निगरानी तेज की (Photo: ITG) भारत से बढ़ते पानी के खतरे के दावे के बीच पाकिस्तान ने चिनाब किनारे निगरानी तेज की (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2026,
  • अपडेटेड 6:40 PM IST

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में प्रशासन ने चिनाब नदी में संभावित बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है. पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में बने सलाल डैम के स्पिलवे गेट खोले हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में चिनाब नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है.

जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर एक बड़ा डैम बना है, जो सालाल डैम से जाना जाता है. यह 130 मीटर ऊंचा है और इससे 690 मेगावाट बिजली बनती है. यह भारत का पहला बड़ा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट था जो 1960 में हुई सिंधु जल संधि के तहत बनाया गया था. इस डैम के पीछे करीब 22 किलोमीटर लंबी झील बनती है जिसमें पानी जमा होता है. 

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भारत ने पिछले साल आतंकी हमले के बाद ही सिंधु जल समझौते को स्थगित कर दिया था. इस समझौते के तहत तय हुआ था कि तीन पश्चिमी नदियां चिनाब, झेलम और सिंधु का पानी पाकिस्तान को मिलेगा. तीन पूर्वी नदियां सतलज, ब्यास और रावी का पानी भारत को मिलेगा. यह दशकों पुराना समझौता था. लेकिन इसका अंत 2025 में हो चुका है.

पाकिस्तान में क्यों मचा हड़कंप?

चिनाब नदी भारत से बहते हुए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जाती है. जब भारत की तरफ से पानी छोड़ा जाता है, तो वही पानी पाकिस्तान की तरफ बहता है. पाकिस्तान के सियालकोट जिले की डिप्टी कमिश्नर सबा असगर अली ने बताया कि इन गेटों के खुलने से चिनाब में पानी का स्तर दो से तीन मीटर तक बढ़ सकता है. इतना पानी आने से बाढ़ आ सकती है.

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यह भी पढ़ें: आतंक के आका PAK को भारत का करारा तमाचा: सिंधु जल समझौते पर झुकेगा नहीं हिंदुस्तान, ठुकराया कोर्ट का फैसला

पाकिस्तान ने क्या-क्या किया?

  • पंजाब प्रांत की इमरजेंसी सर्विस को हाई अलर्ट पर रखा गया. सियालकोट के पास मराला बैराज और आसपास के इलाकों को खासकर बाजवात को हाई अलर्ट पर रखा गया.
  • जिले का इमरजेंसी कंट्रोल रूम चालू कर दिया गया.
  • नदी के किनारे लोगों की आवाजाही रोकी गई.
  • लोगों को नदी की तलहटी में जानवर ले जाने से मना किया गया.
  • नदी की 24 घंटे निगरानी के आदेश दिए गए.
  • पाकिस्तान के PDMA यानी प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भारतीय अधिकारियों की तरफ से मिला एक पत्र सभी विभागों के साथ शेयर किया.

यह अलर्ट 21 मई से 30 मई के बीच के लिए जारी है.

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