नेपाल अन्तर्राष्ट्रिय आतंकवाद का ‘ट्रान्जिट’ प्वाइंट, अमेरिकी रिपोर्ट में खुलासा

कि नेपाल अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों के लिए एक ट्रांजिट प्वाइंट है. अमेरिका की एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है. यूएस ब्यूरो ऑफ काउंटर टेररिज्म द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट में नेपाल के संदर्भ में ऐसा कहा गया है. अमेरिकी सरकार के विदेश विभाग के अधीन यह ब्यूरो हर दो साल में एक रिपोर्ट प्रकाशित करता है.

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आतंक पर अमेरिका की रिपोर्ट आतंक पर अमेरिका की रिपोर्ट

सुजीत झा

  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 12:48 PM IST

अमेरिका ने कहा है कि नेपाल अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों के लिए एक ट्रांजिट प्वाइंट है. यूएस ब्यूरो ऑफ काउंटर टेररिज्म द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट में नेपाल के संदर्भ में ऐसा कहा गया है. अमेरिकी सरकार के विदेश विभाग के अधीन यह ब्यूरो हर दो साल में एक रिपोर्ट प्रकाशित करता है. मंगलवार को वर्ष 2021 के लिए प्रकाशित 330 पन्नों की वार्षिक रिपोर्ट के पेज 179 और 180 पर नेपाल के बारे में ये जिक्र है. इस रिपोर्ट ने भारत के साथ खुली सीमा और काठमांडू के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अपर्याप्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में गंभीर सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट में इन दो ठिकानों पर, नेपाल को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूहों के नेपाल में आसानी से प्रवेश बिंदु के रूप में आंका गया है.

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असुरक्षित त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा

नेपाल के एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रणाली काफी कमजोर और अपर्याप्त होने की बात इस रिपोर्ट में कही गयी है. काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर यात्रियों की जांच ठीक से नहीं किए जाने और नेपाल आने वाले यात्रियों के विवरण डेटा को किसी भी डेटाबेस में दर्ज नहीं किए जाने की बात भी अमेरिकी रिपोर्ट में उल्लेख है.  यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की वैधता जांच के लिए पर्याप्त और आधुनिक उपकरणों के अभाव के बारे में भी रिपोर्ट में चिंता व्यक्त की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि काठमांडू के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अब तक ट्रावल डक्यूमेंट सिक्यूरिटी मशीन और अल्ट्रा वायलेट लाईट तक की व्यवस्था नहीं की गई है. 

अमेरिका ने अपने इस रिपोर्ट में कहा है कि काठमांडू के त्रिभुवन अन्तरराष्ट्रीय विमानस्थल पर सुरक्षाबलों की संख्या भी एक कारण है. हवाईअड्डे के सुरक्षा के मद्देनजर सुरक्षाबलों को उस हिसाब से ट्रेनिंग की भी कमी है. रिपोर्ट में हवाईअड्डे पर इंटरपोल में तैनात अधिकारियों की तैनाती ना होने को भी सुरक्षा पर खतरा बताया गया है. इस समय हवाईअड्डे पर नेपाल पुलिस के विशेष ब्यूरो के करीब 10 अधिकारियों को तैनात किया जाता है.

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इंटरपोल के अधिकारियों की हवाईअड्डे पर तैनाती नहीं होने के बावजूद लगभग 15 अधिकारियों को नेपाल पुलिस मुख्यालय स्थित इंटरपोल कार्यालय में नियुक्त किया गया है, लेकिन त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इंटरपोल कार्यालय से कोई कर्मचारी नहीं होने के कारण मोस्ट वांटेड अपराधियों के आसानी से विमानस्थल से बाहर जाने से सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ने पर चिंता व्यक्त की गई है.  

हवाईअड्डे के डेटाबेस में इंटरपोल की जानकारी तो रखी जाती है लेकिन इस डेटाबेस के जरिए यात्रियों की नियमित जांच नहीं किए जाने का खुलासा भी अमेरिकी रिपोर्ट में किया गया है. रिपोर्ट में लिखा है कि सुरक्षा और इमीग्रेशन अधिकारी आम तौर पर अमेरिकी अनुरोधों पर सूचना तो उपलब्ध कराते हैं पर उनके पास पर्याप्त सूचना का हमेशा ही अभाव रहता है.

 

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