'भारत की तो आदत...', अनंतनाग हमले पर घिरा पाकिस्तान बौखलाया

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार सुबह सेना को कोकरनाग में आतंकवादियों के मूवमेंट की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर घेराबंदी का फुलप्रूफ प्लान बनाया गया. कर्नल मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में सेना के जवान आगे बढ़े, तभी ऊंचाई पर पहले से छिपे बैठे 2-3 आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. इस घटना में सेना के तीन अधिकारी शहीद हो गए.

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एनकाउंटर के बाद आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी एनकाउंटर के बाद आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 6:34 AM IST

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग के कोकरनाग में बुधवार को सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ में कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक और डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल बट्ट शहीद हो गए. लेकिन अब इस घटना को लेकर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान का बयान सामने आया है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने कहा है कि हमने अनंतनाग घटना की रिपोर्ट्स देखी हैं. हम भारत के दावे की वास्तविकता की पुष्टि कर रहे हैं. हमने पहले भी कहा है कि भारत की आदत रही है कि वो अपनी घरेलू राजनीति में पाकिस्तान को घसीटता है. अगर भारत ऐसा दोबारा करता है तो हमें इसमें कोई हैरानी नहीं होगी. हालांकि, इस घटना के संदर्भ में कहें तो जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि हम भारत के दावों की वास्तविकता की पुष्टि कर रहे हैं. 

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बता दें कि बुधवार सुबह सेना को कोकरनाग इलाके में आतंकवादियों के मूवमेंट की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर घेराबंदी का फुलप्रूफ प्लान बनाया गया. कर्नल मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में सेना के जवान आगे बढ़े, तभी ऊंचाई पर पहले से छिपे बैठे 2-3 आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. कर्नल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आशीष और हुमायूं को गोलियां लगीं. उन्हें हवाई मार्ग से श्रीनगर के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. यह आतंकवादी लश्कर के प्रॉक्सी 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) से जुड़े थे. आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है. 

इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन मंगलवार शाम को शुरू हुआ था, लेकिन रात में इसे बंद कर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि बुधवार की सुबह आतंकवादियों की तलाश तब फिर से शुरू हुई, जब सूचना मिलने लगी कि उन्हें एक ठिकाने पर देखा गया है. कर्नल मनप्रीत सिंह ने आगे से अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए आतंकियों पर हमला बोल दिया. हालांकि, आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी की और वो गंभीर रूप से घायल हो गए.

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2 साल की बेटी के पिता थे मेजर आशीष 

अनंतनाग में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद होने वाले मेजर आशीष धोनैक हरियाण के पानीपत जिले के रहने वाले थे. मेजर आशीष मूल रूप से बिंझौल गांव के रहने वाले थे. हालांकि अभी उनका परिवार पानीपत के सेक्टर-7 में रहता है. आशीष धोनैक तीन बहनों में इकलौते भाई थे. मेजर आशीष की 2 साल पहले ही मेरठ से जम्मू में पोस्टिंग हुई थी. वह 2 साल की बेटी के पिता हैं. बता दें कि इसी साल मेजर आशीष को सेना मेडल से सम्मानित किया गया था.   

दो महीने की बेटी, पिता भी आईजी से रिटायर्ड  

अधिकारियों ने बताया कि डीएसपी हुमायूं भट की 2 महीने की बेटी है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के रिटायर्ड आईजी गुलाम हसन भट के बेटे हुमायूं भट को बहुत ज्यादा खून बहने की वजह से बचाया नहीं जा सका. जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से बताया गया कि डीएसपी हुमायूं भट के पिता गुलाम हसन भट भी पुलिस में रह चुके हैं. वह आईजी की पोस्ट से रिटायर हुए थे. 

अधिकारी ने बताया कि पुलिस और सेना की टीम ने मंगलवार शाम को कोकरनाग के हलूरा गंडूल इलाके में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू हुआ था, लेकिन रात में इसे बंद कर दिया गया. उसके बाद बुधवार को सुरक्षाबलों ने आतंकियों को घेर लिया. जैसे ही सुरक्षाबल के अधिकारी उस जगह पर पहुंचे, जहां आतंकी छिपे हुए थे तो उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. इस दौरान सेना के एक अधिकारी और एक पुलिस अधिकारी को गोली लग गई. आनन-फानन में घायल अफसरों हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया, लेकिन इन अधिकारियों को बचाया नहीं जा सका.

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