मोहब्बत का पैगाम लेकर दुश्मन देश जा रही हैं तानाशाह किम की बहन, दुनिया की निगाह टिकी

दक्षिण कोरिया में शीतकालीन ओलंपिक का आगाज हो रहा है, जिसमें शिरकत करने उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की 30 वर्षीय बहन किम यो जोंग भी जा रही हैं. साल 1950 से 1953 के बीच चले कोरियाई युद्ध के बाद यह पहली बार है, जब किम जोंग-उन के राजवंश से कोई दक्षिण कोरिया का दौरा कर रहा है.

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उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन और उनकी बहन किम यो जोंग उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन और उनकी बहन किम यो जोंग

राम कृष्ण

  • प्योंगयांग/सियोल,
  • 09 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:03 AM IST

परमाणु और मिसाइल परीक्षण करके अमेरिका समेत दुनिया भर की नींद उड़ाने वाले उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की बहन इन दिनों वैश्विक मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई हैं. फिलहाल दुनिया की निगाहें तानाशाह किम जोंग-उन की ओर से हटकर उनकी बेहद खूबसूरत बहन किम यो जोंग पर टिक गई हैं. उनकी यह बहन मोहब्बत का पैगाम लेकर दुश्मन देश साउथ कोरिया जा रही हैं.

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दरअसल, शनिवार से दक्षिण कोरिया में शीतकालीन ओलंपिक का आगाज हो रहा है, जिसमें शिरकत करने किम जोंग-उन की 30 वर्षीय बहन किम यो जोंग भी जा रही हैं. साल 1950 से 1953 के बीच चले कोरियाई युद्ध के बाद यह पहली बार है, जब किम जोंग-उन के राजवंश से कोई दक्षिण कोरिया का दौरा कर रहा है.

दक्षिण कोरिया में आयोजित हो रहे विंटर ओलंपिक में हिस्सा लेने के लिए का प्रतिनिधिमंडल जा रहा है. किम की बहन भी इस प्रतिनिधिमंडल की हिस्सा हैं. दक्षिण कोरिया की यूनीफिकेशन मिनिस्ट्री की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उत्तर कोरिया के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ किम जोंग-उन की बहन किम यो जोंग भी आ रही हैं. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उत्तर कोरियाई संसद के अध्यक्ष किम यांग नाम (90) कर रहे हैं.

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शीतकालीन ओलंपिक के दौरान दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जाए-इन खुद उत्तर कोरिया के तानाशाह किम की बहन से मुलाकात करेंगे. वो उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की बहन की खातिरदारी में भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं. लिहाजा उन्होंने किम यो जोंग के सम्मान में भोज भी रखा है. किसी ने इस बात की कल्पना नहीं की थी कि कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़े तनाव के बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन अपनी बहन को दक्षिण कोरिया भेज देंगे.

किम यो जोंग के दक्षिण कोरिया का दौरा करने से दोनों देशों के बीच रिश्ते भी बेहतर होने की उम्मीद की जा रही है. दोनों देशों के बीच जमी बर्फ पिघल सकती है, जिससे राजनयिक संबंध स्थापित होने का रास्ता साफ होगा. इस शीतकालीन ओलंपिक में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी हिस्सा लेने पहुंच रहा है, जिसका नेतृत्व अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस कर रहे हैं. हालांकि इस दौरान उत्तर कोरिया का प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करेगा.

इसकी वजह यह है कि हाल के दिनों में के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन लगातार एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं. हाल ही में जापान दौरे के समय माइक पेंस ने उत्तर कोरिया पर निशाना साधते हुए कहा था कि उत्तर कोरिया को ओलंपिक खेलों को आयोजित करने के संदेश को हाइजैक करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

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इन सबके बावजूद अमेरिका को भी उम्मीद है कि उत्तर कोरिया के प्रतिनिधिमंडल से अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर सकता है. अमेरिका का कहना है कि माइक पेंस का कहना है कि शीतकालीन ओलंपिक से इतर उत्तर कोरिया के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने पर यकीन करते हैं.

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