यूक्रेन पर रूसी हमले के बीच भारत आ रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को अपने समकक्ष एस जयशंकर से मुलाकात की. बैठक में रूसी विदेश मंत्री ने भारत-रूस की दोस्ती का हवाला देते हुए ऐतिहासिक संबंध का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भी हमारे संबंध मजबूत बने रहे. पुतिन ने पीएम मोदी के लिए शुभकामनाएं भेजी हैं. रूस ने यूक्रेन पर भारत के रुख की सराहना करते हुए कहा कि भारत यूक्रेन के मुद्दे को एकतरफा नहीं देख रहा है.
'भारत मसलों को बातचीत से सुलझाने का पक्षधर'
भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि हमारे द्विपक्षीय संबंध कई क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं. हमारी मुलाकात उस वक्त हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय हालात मुश्किल बने हुए हैं. भारत हमेशा मसलों को बातचीत और कूटनीति से हल करने के पक्ष में रहा है. जयशंकर ने कहा कि लगातार संपर्क में रहना ही दोनों देखों के हित में है. यह वर्ष हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं.
अमेरिका ने रूस को लेकर भारत को दी चेतावनी
वहीं दो दिन के भारत दौरे पर आए अमेरिका के डिप्टी एनएसए दलीप सिंह ने भारत को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि रूस पर लगाए प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले देशों को भी गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. उन्होंने कहा कि अमेरिका नहीं चाहेगा कि भारत के ऊर्जा और दूसरी चीजों के आयात में रूस की हिस्सेदारी बढ़े.
दलीप सिंह ने कहा कि भारत को इस बात की उम्मीद भी नहीं करनी चाहिए कि अगर चीन ने कभी LAC पर उल्लंघन किया तो रूस उसके बचाव में आएगा. यूक्रेन के खिलाफ जंग शुरू करने के बाद रूस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को तय करने में दलीप सिंह की अहम भूमिका बताई जा रही है.
ब्रिटिश विदेश मंत्री भी मिले जयशंकर
भारत दौरे पर आईं ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस के बीच गुरुवार को यूक्रेन संकट पर बातचीत की. ट्रस ने कहा कि संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का सम्मान करना महत्वपूर्ण है. ब्रिटेन की विदेश मंत्री ने कहा,'भारत के साथ संबंधों को मजबूत करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि हम एक अधिक असुरक्षित दुनिया में रह रहे हैं, जो हम (व्लादिमीर) पुतिन के यूक्रेन पर भयावह आक्रमण के मामले में देख रहे हैं.' जयशंकर ने रोडमैप-2030 के क्रियान्वयन में प्रगति के बारे में बात की जिसे पिछले साल मई में संबंधों को और व्यापक बनाने के लिए अपनाया गया था.
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