इजरायल की सेना ने ईरान के नौसैनिक ढांचे को बड़ा झटका देते हुए एक अहम सैन्य ठिकाने पर हमला किया है. बताया जा रहा है कि यह हमला इस्फहान में स्थित उस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट सेंटर पर किया गया, जहां ईरान की नौसेना के लिए पनडुब्बियों और उससे जुड़े सिस्टम को डिजाइन और डेवलप किया जाता था. इजरायल के हमले से ईरान को भारी नुकसान हुआ है और उसके कई साइट्स तबाह हो गए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, यह सेंटर ईरान की एकमात्र ऐसी जगह था, जहां पनडुब्बियों और नौसैनिक सपोर्ट सिस्टम पर काम होता था. यहां पर ईरान कई तरह के मानव रहित नौसैनिक उपकरण (ड्रोन पोत) विकसित करता था.
खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई का दावा
बताया गया है कि यह हमला इजरायली नौसेना की खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया. इस कार्रवाई से ईरान की नई और उन्नत पनडुब्बियां बनाने की क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है, साथ ही उसकी मौजूदा नौसैनिक क्षमता को अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है.
इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इस मामले पर अभी तक ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
इजरायल डिफेंस फोर्स ने कहा है कि वह ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को कमजोर करने के लिए इस तरह की कार्रवाइयां जारी रखेगा, ताकि लंबे समय में तैयार की गई उसकी रक्षा क्षमता को सीमित किया जा सके.
यूएसएस अब्राहम लिंकन पर मिसाइल दागने का दावा
दूसरी ओर ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की दिशा में क्रूज मिसाइल दागी है. यह जानकारी ईरान के सरकारी टीवी के हवाले से सामने आई है, हालांकि इस दावे की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिका की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, तटीय क्षेत्र से क्रूज मिसाइलें अमेरिकी विमानवाहक पोत की दिशा में दागी गईं. इससे पहले ईरानी नौसेना ने अमेरिका को चेतावनी दी थी कि यूएसएस अब्राहम लिंकन उनकी निगरानी में है और अगर वह ईरान के क्षेत्र के करीब आता है तो उसे निशाना बनाया जा सकता है.
ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, नौसेना प्रमुख रियर एडमिरल शहराम इरानी ने कहा कि अगर यह पोत ईरान की मिसाइल रेंज में आया तो उस पर हमला किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जहाज पर लगातार नजर रखी जा रही है.
वहीं, खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफकारी ने दावा किया कि अमेरिका की 'रणनीतिक ताकत' अब 'रणनीतिक हार' में बदल चुकी है.
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