ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने हाल ही में अपने पड़ोसी देशों पर हमले के लिए माफी मांगी थी. अब उन्होंने दावा किया है कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ भाईचारे वाले रिश्ते चाहता है, लेकिन दुश्मन ताकतें इस एकता को तोड़ने की कोशिश कर रही हैं.
ईरानी मीडिया के मुताबिक, पेजेश्कियान ने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा. उन्होंने बताया कि दुश्मन इन देशों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश कर रहा है.
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, 'ईरान देश की मिट्टी का एक इंच भी हिस्सा नहीं लेने देगा. ईरान उन लोगों के खिलाफ मजबूती से खड़ा है जो उस पर हमला करते हैं, वो पूरी ताकत के साथ जवाब देगा.'
मजबूरी में जवाबी कार्रवाई
पेजेश्कियान ने अन्य देशों की सीमाओं से होने वाले हमलों पर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि अगर किसी देश की धरती का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए होता है, तो ईरान जवाब देने के लिए मजबूर है. हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि इस प्रतिक्रिया का मतलब ये नहीं है कि ईरान का उस देश के साथ कोई विवाद है.
पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों से मांगी थी माफी
बता दें कि इससे पहले पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी थी.उन्होंने कहा था कि जब तक उनके पड़ोसी देश ईरान पर हमला न करें, तब तक ईरान को भी उन पर हमला नहीं करना चाहिए और न ही उन पर मिसाइलें दागनी चाहिए. उन्होंने डिप्लोमेसी के जरिए इस समस्या का समाधान निकालने की बात कही थी.
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ट्रंप से बदला लेगा ईरान!
हाल ही में ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी का भी बयान सामने आया था उन्होंने कहा था, 'हम ट्रंप को जाने नहीं देंगे. उसे इसकी कीमत चुकानी होगी. उसने हमारे नेता और हमारी जनता को शहीद कर दिया है. ये आसान नहीं है. जब तक हम बदला नहीं ले लेते, हम उसे जाने नहीं देंगे.'
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