अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज 13वां दिन है. इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि जंग तभी खत्म हो सकती है जब ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता दी जाए और हर्जाना दिया जाए. उन्होंने भविष्य में ऐसे हमले दोबारा न होने की गारंटी भी मांगी है.
मसूद पेजेश्कियान ने X पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात की है और अपनी बात दोहराई है कि अगर कुछ शर्तें पूरी होती हैं तो इलाके में शांति मुमकिन है.
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, 'रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बात करते, मैंने इलाके में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता को फिर से पक्का किया.'
उन्होंने आगे कहा, 'जिस युद्ध जायोनी शासन (इजरायल) और अमेरिका ने शुरू किया है, उसे खत्म करने का एकमात्र तरीका है- ईरान के कानूनी अधिकारों को मान्यता देना, हर्जाना देना और भविष्य में ऐसे हमले न हों, उसकी पक्की इंटरनेशनल गारंटी देना.'
UNSC में प्रस्ताव पास- खाड़ी देशों पर हमला रोके ईरान
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले किए हैं. इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने बहरीन की अगुवाई में एक प्रस्ताव पास किया है, जिसमें मांग की गई है कि ईरान खाड़ी देशों पर अपने हमले तुरंत बंद करे.
इस प्रस्ताव में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और जॉर्डन को निशाना बनाकर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की गई है.
UNSC में यह प्रस्ताव 13 वोटों के साथ पास हुआ. इसके खिलाफ किसी ने वोट नहीं किया, जबकि रूस और चीन ने वोटिंग से दूरी बनाई.
28 फरवरी से चल रही है जंग
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इन हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर हमला कर दिया. इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया है और वहां से जहाजों के जाने पर रोक लगा दी है. अगर कोई जहाज गुजर रहा है तो उस पर हमला हो रहा है. बुधवार को ही ईरान ने तीन जहाजों पर हमला किया.
अब ईरानी राष्ट्रपति की युद्ध खत्म करने की शर्तों वाली पोस्ट ऐसे वक्त आई है, जब एक दिन पहले ही ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गलीबाफ ने कहा था ईरान सीजफायर नहीं करेगा.
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