तबाही, अंतहीन युद्ध का प्लान और... ट्रंप की स्पीच से फ्यूचर के लिए निकले 4 'War Sign'

यूएस-इजरायल हमलों के बाद ईरान के साथ जंग तेज हो गई है. खामेनेई की मौत के बावजूद संघर्ष अब भी जारी है. वहीं, ट्रंप ने ग्राउंड सैनिक और रिजीम चेंज के संकेत दिए हैं. ऐसे में जल्दी जंग रुकने के संकेत नहीं मिल रहे हैं.

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डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में कई संकेत मिलते हैं. (Photo: GettyImages) डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में कई संकेत मिलते हैं. (Photo: GettyImages)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:17 PM IST

ईरान पर अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को हमला किया, जिसके बाद पूरा मिडिल ईस्ट जंग की चपेट में आ चुका है. ईरान पर हमले जारी हैं. वहीं, ईरान जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और अरब देशों में स्थित यूएस ठिकानों पर हमले कर रहा है. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई लेकिन जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. उधर ईरान ने भी कहा है कि वह ट्रंप से कोई बातचीत नहीं करेगा.

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जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ बयान दिए हैं, जिनमें साफ-साफ नजर आ रहा है कि आने वाले वक्त में बहुत जल्द तो जंग नहीं खत्म होने वाली है. 

ट्रंप के हालिया बयानों में वे 'वार सिग्नल्स' हैं, जो भविष्य में तबाही, अंतहीन संघर्ष या बड़े पैमाने पर सैन्य हस्तक्षेप की ओर इशारा करते हैं. ये उनके सार्वजनिक भाषणों, इंटरव्यू और व्हाइट हाउस स्टेटमेंट्स में शामिल हैं. 

1- बूट्स ऑन ग्राउंड का विकल्प...

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अगर वक्त ने मांग की तो वे ईरान में अमेरिकी ग्राउंड सैनिक भेजने से नकार नहीं कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि चल रहा US-इज़रायली मिलिट्री कैंपेन पहले ही उम्मीदों से कहीं ज़्यादा हो चुका है. उनकी यह बात तब आई, जब रियाद में US एंबेसी पर ईरानी ड्रोन ने हमला किया, जिसके बाद US प्रेसिडेंट ने तेहरान को जल्द ही जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी. यह भविष्य में बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैनिकों की भागीदारी और तबाही की ओर संकेत है.

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2- ईरान में रिजीम चेंज का इरादा

ट्रंप ने ईरान के रिजीम को बीमार बताया है. उन्होंने इरानी नागरिकों से कहा कि 'अपना देश वापस लीजिए.' उन्होंने हाल ही में फिर से कहा, "जो लोग आज़ादी चाहते हैं, इस मौके का फ़ायदा उठाकर बहादुर बनें, हिम्मत वाले बनें, हीरो बनें और अपना देश वापस लें." 

अमेरिकी राष्ट्रपति इससे पहले भी ईरान में रिजीम चेंज की तरफ इशारा कर चुके हैं. यह बयान ओवरथ्रो की ओर इशारा करता है. इसके साथ ही, ट्रंप ने नई सरकार के नजरिए पर विरोधाभासी बयान दिए, जो फ्यूचर में अस्थिरता और युद्ध विस्तार का सिग्नल है.

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3- न्यूक्लियर और मिसाइल थ्रेट का बहाना

सोमवार को व्हाइट हाउस में मेडल ऑफ़ ऑनर सेरेमनी में बोलते हुए, प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा कि ईरान ने न्यूक्लियर हथियारों की अपनी कोशिश बंद करने की यूनाइटेड स्टेट्स की वॉर्निंग को नज़रअंदाज़ कर दिया. उन्होंने कहा कि इस सरकार का तेज़ी से बढ़ता कन्वेंशनल बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम U.S. और विदेशों में तैनात सेनाओं के लिए 'बहुत साफ़, बहुत बड़ा खतरा' है.

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ट्रंप ने कहा, "यह हमला करने का हमारा आखिरी सबसे अच्छा मौका था, जो हम अभी कर रहे हैं. इस बीमार और खतरनाक सरकार से पैदा हुए बर्दाश्त न होने वाले खतरों को खत्म करने का सही वक्त था. वे सच में बीमार और खतरनाक हैं."

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4- ओपन-एंडेड मिलिट्री ऑपरेशन

डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान पर एक बड़े, खुले युद्ध को सही ठहराने की कोशिश की. उन्होंने एक ऐसे ऑपरेशन पर अब तक का सबसे बड़ा बयान दिया, जिसके बताए गए मकसद और टाइमलाइन वीकेंड में शुरू होने के बाद से बदल गए हैं. फ्लोरिडा में वीकेंड बिताने के बाद व्हाइट हाउस लौटे ट्रंप ने कहा कि शनिवार को शुरू हुए यूएस और इज़रायली हवाई हमलों के चार से पांच हफ़्ते तक चलने का अनुमान था, लेकिन यह और भी लंबा चल सकता है. 

इस मिलिट्री अभियान में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं. इसके साथ ही, 10 ईरानी जंगी जहाज़ डूब गए और 1,000 से ज़्यादा टारगेट पर हमला हुआ है.

डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा दिए गए कई तरह के बयान मिडल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के साथ मिलकर फ्यूचर में लंबे, विनाशकारी जंग की तरफ इशारा करता है. 

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