होर्मुज से अचानक दूर क्यों भागने लगे जहाज! ईरान-अमेरिका तनाव के बीच दुबई के पास डाला डेरा

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने नया नियंत्रण क्षेत्र लागू किया है, जिससे जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट छोड़कर दूर भागना पड़ा है. जहाज होर्मुज से दूर भागकर दुबई के पास एंकरिज डाल रहे हैं.

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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच जहाज होर्मुज से दूर भाग रहे हैं (Photo: Reuters) अमेरिका-ईरान तनाव के बीच जहाज होर्मुज से दूर भाग रहे हैं (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:52 PM IST

होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. इस बीच मंगलवार को दुबई के पास सैकड़ों जहाज एक जगह जमा होते नजर आए क्योंकि जहाज बंद पड़े होर्मुज स्ट्रेट से दूर जा रहे हैं. 

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अब काफी कमजोर होता दिख रहा है. दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी जारी है, वहीं अमेरिका ने कहा है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में रास्ता खोल दिया है. CBS की रिपोर्ट के अनुसार, दो अमेरिकी विध्वंसक जहाज फारस की खाड़ी में प्रवेश कर चुके हैं.

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क्रू मेंबर्स ने बताया कि उन्हें रेडियो ब्रॉडकास्ट के जरिए चेतावनी दी जा रही है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से संरक्षित नए सीमाई क्षेत्र लागू कर दिए गए हैं. इस बीच ईरान फुजैरा बंदरगाह पर हमले कर रहा है जिससे साफ है कि वो इसे अपना विस्तारित नियंत्रण क्षेत्र मानता है. इन हमलों के कारण दिन की शुरुआत में स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप रही.

ईरान की ओर से तय किए गए नए नियंत्रण क्षेत्र के अनुसार, दुबई इसके ठीक बाहर आता है जबकि यह दक्षिण में उम अल-कुवैन तक फैला हुआ है.

होर्मुज में दोतरफा आवाजाही अभी बहाल होनी मुश्किल

ऑयल ब्रोकरेज लिमिटेड में शिपिंग रिसर्च के ग्लोबल हेड अनूप सिंह ने ब्लूमबर्ग से बात करते हुए कहा, 'अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में पावर बैलेंस बनाने की कोशिश कर रहा है और ईरान उसी का जवाब दे रहा है. यह स्थिति तनाव बढ़ाने वाली है. मुझे नहीं लगता कि यहां दो-तरफा आवाजाही जल्द शुरू होगी.'

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दुनिया के लिए अहम ऊर्जा मार्ग होर्मुज स्ट्रेट नौ हफ्तों से जारी युद्ध में एक प्रमुख तनाव की वजह बन गया है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद से यहां जहाजों की आवाजाही लगातार घट रही है और हर बार कंट्रोल बदलने की कोशिश के साथ इसमें उतार-चढ़ाव आता रहा है.

फिलहाल इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले जहाजों की संख्या लगभग शून्य के करीब है, जबकि युद्ध से पहले यहां से हर रोज करीब 135 जहाज गुजरते थे.

ईरान के फुजैरा बंदरगाह पर हमले की भारत ने की निंदा

यूएई के फुजैरा पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन पर सोमवार को ईरान के हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए. भारत ने इस हमले को अस्वीकार्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा, 'फुजैरा पर हमला, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए, अस्वीकार्य है. हम इन शत्रुतापूर्ण गतिविधियों, नागरिक ढांचे और निर्दोष लोगों को निशाना बनाने की घटनाओं को तुरंत रोकने की मांग करते हैं. भारत इस स्थिति से निपटने के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके.'

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उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के जरिए जहाजों की आवाजाही बहाल होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'भारत सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए की जा रही कोशिशों में मदद को तैयार है.'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ शब्दों में कहा कि यूएई पर हमले अस्वीकार्य हैं. उन्होंने कहा, 'यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करता हूं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए. नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है. भारत यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है और संवाद व कूटनीति के जरिए सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के अपने समर्थन को दोहराता है.'

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