इजरायल और अमेरिका के साथ चल रहे भीषण जंग के बीच ईरान ने इजरायली जासूस कुरुश कीवानी को मौत की सजा के बाद अब फांसी दे दी है. कीवानी पर इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' के लिए काम करने का आरोप था.
कुरुश कीवानी पर आरोप था कि उसने ईरान की सुरक्षा से जुड़ी बेहद गोपनीय जानकारी की मुखबरी की थी. कीवानी पर ईरान के कई संवेदनशील और प्रतिबंधित इलाकों की तस्वीरें खींचने के भी आरोप थे.
जांच में पता चला था कि उसने ये तस्वीरें और अहम जानकारियां मोसाद को भेजी थीं. ईरानी मीडिया के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने और सुप्रीम कोर्ट से सजा की पुष्टि होने के बाद अब आखिरकार उसे फांसी दे दी गई है.
कीवानी की गिरफ्तारी के बाद निचली अदालत ने उसे देशद्रोह और जासूसी का दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद मामले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी सबूतों को देखने के बाद सजा को बरकरार रखा.
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सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद जेल प्रशासन ने फांसी की सजा को अंजाम दिया. ईरान अक्सर अपने देश में इजरायल या अन्य विदेशी एजेंसियों के लिए जासूसी करने वालों के खिलाफ इसी तरह के कड़े कदम उठाता रहा है.
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