ईरान जंग के बीच दुनिया के देश होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से काफी परेशान हैं. इस बीच ईरान भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान, इन पांच देशों के जहाजों को होर्मुज पार करने की इजाजत दे रहा है. अब एक और देश को होर्मुज से गुजरने की इजाजत मिली है. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने गुरुवार को कहा कि अब उनके देश से जुड़े जहाजों को भी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी जा रही है.
अनवर इब्राहिम ने कहा कि उन्होंने ईरान, मिस्र, तुर्की और क्षेत्र के अन्य देशों के नेताओं से बातचीत की है. इस बातचीत की वजह से ईरान मलेशियाई जहाजों को होर्मुज से गुजरने देने के लिए राजी हो गया है.
टेलीविजन पर दिए गए संबोधन में अनवर ने मलेशियाई जहाजों को गुजरने की इजाजत देने के लिए ईरान के राष्ट्रपति का धन्यवाद किया.
उन्होंने कहा, 'हम अब मलेशियाई तेल टैंकरों और उनसे जुड़े कर्मचारियों को मुक्त कराने की प्रक्रिया में हैं, ताकि वो अपनी यात्रा जारी रखते हुए सुरक्षित घर लौट सकें.'
शांति के लिए ईरान समेत कई देशों से बातचीत कर रहा मलेशिया
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अनवर ने कहा कि उन्होंने मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने की कोशिश में ईरान और अन्य देशों से बातचीत की.
उन्होंने आगे कहा, 'लेकिन यह आसान नहीं है, क्योंकि ईरान को लगता है कि उसके साथ बार-बार धोखा हुआ है. उन्होंने कहा कि ईरान को सुरक्षा की कोई खास गारंटी नहीं दी जाती और इसलिए वो शांति की दिशा में उठाए किसी भी कदम को स्वीकार करने में हिचकिचा रहा है.'
28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने ग्लोबल तेल सप्लाई के महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया. इसकी वजह से खाड़ी देशों से आ रहे सैकड़ों जहाज बीच समंदर में ही फंस गए क्योंकि ईरान जहाजों को होर्मुज पार नहीं करने दे रहा. फंसे जहाजों में मलेशिया के जहाज भी शामिल हैं जो अब निकाले जा सकते हैं.
होर्मुज को लेकर ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने होर्मुज स्ट्रेट से पांच जहाजों को गुजरने की इजाजत दी है. अरागची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं है.
उनके मुताबिक, भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने दिया गया है. उन्होंने कहा कि इन देशों ने ईरान से अपने जहाजों को सुरक्षित गुजरने देने की मांग की थी. इसके बाद ईरान की मदद से वो होर्मुज से बाहर निकले. अरागची ने कहा कि होर्मुज सिर्फ दुश्मन देशों के लिए बंद है और सबके लिए खुला है.
अरागची ने कहा, 'हम युद्ध के बीच हैं इसलिए अपने दुश्मनों और उनके सहयोगियों को होर्मुज से गुजरने देने का हमारे पास कोई कारण नहीं है. '
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