ईरान जंग के बीच भारत ने कनाडा से की ऐसी डील, जल-भुन गया पाकिस्तान!

पाकिस्तान भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम सप्लाई समझौते पर जल-भुन गया है. पाकिस्तान का कहना है यह नागरिक परमाणु सहयोग में भारत को दी गई विशेष छूट है. पाकिस्तान का कहना है कि यह डील दक्षिण एशिया के रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है.

Advertisement
भारत-कनाडा की यूरेनियम सप्लाई डील से पाकिस्तान जल-भुन गया है (Photo: PTI) भारत-कनाडा की यूरेनियम सप्लाई डील से पाकिस्तान जल-भुन गया है (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:56 PM IST

पड़ोसी ईरान में चल रही जंग के बीच पाकिस्तान की चिंता बढ़ती जा रही है. हाल ही में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया था कि इजरायल भारत के साथ मिलकर एक प्लान पर काम कर रहा है जिसमें वो पाकिस्तान को कठपुतली देश बनाना चाहते हैं. अब कनाडा के साथ भारत के एक समझौते पर पाकिस्तान की नींद उड़ गई है. दरअसल, भारत ने कनाडा के साथ यूरेनियम सप्लाई को लेकर एक समझौता किया है जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान ने कहा है कि परमाणु सहयोग के क्षेत्र में भारत को खास छूट दी जा रही है.

Advertisement

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय (FO) ने गुरुवार को कहा कि भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम की सप्लाई को लेकर हुआ समझौता 'नागरिक परमाणु सहयोग के क्षेत्र में किसी एक देश को दी गई एक और विशेष छूट' का उदाहरण है.

सोमवार को भारत और कनाडा के बीच कई समझौते हुए, जिनमें क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग और परमाणु ऊर्जा के लिए यूरेनियम सप्लाई का एक ऐतिहासिक समझौता भी शामिल है.

इस समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में हमने दीर्घकालिक यूरेनियम सप्लाई के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है.' उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर और एडवांस रिएक्टर तकनीकों पर भी साथ मिलकर काम करेंगे.

भारत-कनाडा डील से परेशान हुआ पाकिस्तान

इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा, 'भारत और कनाडा के बीच हुए दीर्घकालिक यूरेनियम सप्लाई डील, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर और एडवांस रिएक्टर तकनीकों में संभावित सहयोग पर पाकिस्तान ने ध्यान दिया है और यह चिंता वाली बात है.'

Advertisement

उन्होंने कहा, 'यह डील नागरिक परमाणु सहयोग के क्षेत्र में किसी एक देश को दी गई एक और विशेष छूट का उदाहरण है.'

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अंद्राबी ने कहा कि भारत को छूट देना विडंबनापूर्ण है क्योंकि 1974 में भारत का परमाणु परीक्षण उसी प्लूटोनियम से किया गया था, जिसे कनाडा के शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए दिए गए रिएक्टर में तैयार किया गया था. उनके अनुसार, इसी घटना के बाद निर्यात नियंत्रण के लिए न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) की स्थापना हुई थी.

उन्होंने कहा, 'जिस देश की वजह से वैश्विक निर्यात नियंत्रण व्यवस्था स्थापित करनी पड़ी, उसी देश को अब सेलेक्टिव तरीके से खास छूट दी जा रही है.'

डील से परेशान पाकिस्तान ने भारत पर लगाए बेतुके आरोप

पाकिस्तानी प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाए कि भारत ने अपने सभी नागरिक परमाणु प्रतिष्ठानों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी में नहीं रखा है और न ही इस व्यवस्था के तहत ऐसा करने का कोई वादा किया है.

उन्होंने आगे कहा कि भारत-कनाडा यूरेनियम सप्लाई डील के रणनीतिक परिणाम भी चिंताजनक हो सकते हैं.

अंद्राबी के मुताबिक, 'भारत को जब देश के बाहर से भी यूरेनियम सप्लाई मिलेगी तो वो अपने भंडार को धड़ल्ले से सैन्य इस्तेमाल करेगा जिससे उसके परमाणु हथियारों में बढ़ोतरी होगी. इससे दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन और ज्यादा बिगड़ सकता है.'

Advertisement

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत पर लगाया था ये आरोप

इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि इजरायल पाकिस्तान को अपनी कठपुतली बनाना चाहता है और उसकी इस योजना में भारत भी शामिल है.

एक्स पर एक पोस्ट में ख्वाजा आसिफ ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच मौजूदा संघर्ष का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि ईरान बातचीत के लिए तैयार था फिर भी उस पर युद्ध थोप दिया गया. उन्होंने दावा किया कि यह युद्ध 'जायोनिस्टों ने रची है ताकि इजरायल का प्रभाव पाकिस्तान की सीमाओं तक बढ़ाया जा सके.'

पाकिस्तानी मंत्री ने चेतावनी दी कि अगर इजरायल इस युद्ध में विजयी होता है तो भारत, अफगानिस्तान और ईरान पाकिस्तान के खिलाफ 'एक साझा एजेंडा' अपना सकते हैं. उनके अनुसार इससे पाकिस्तान की सीमाएं असुरक्षित हो जाएंगी और देश 'चारों ओर से दुश्मनों से घिरकर एक कठपुतली देश में बदल जाएगा.'

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement