गाजा में जंग रुकने तक इजरायल के साथ कोई समझौता नहीं होगा: हमास

गाजा के लिए युद्धविराम पर बातचीत करने के प्रयास रुक गए हैं और अमेरिका ने बुधवार को बिना शर्त स्थायी युद्धविराम के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया.

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हमास के अधिकारी, खलील अल-हया और ओसामा हमदान (तस्वीर: रॉयटर्स) हमास के अधिकारी, खलील अल-हया और ओसामा हमदान (तस्वीर: रॉयटर्स)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:45 AM IST

हमास (Hamas) के कार्यवाहक गाजा प्रमुख खलील अल-हय्या (Khalil al-Hayya) ने बुधवार को एक बयान में कहा कि जब तक फिलिस्तीनी क्षेत्र में जंग खत्म नहीं हो जाती, तब तक इजरायल के साथ बंधकों के बदले कैदियों की अदला-बदली का कोई समझौता नहीं होगा. Al-Aqsa टेलीविजन चैनल के साथ एक इंटरव्यू में हय्या ने कहा, "जंग खत्म हुए बिना, कैदियों की अदला-बदली नहीं हो सकती है."

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उन्होंने कहा, "अगर हमला नहीं रुका, तो प्रतिरोध और विशेष रूप से हमास, कैदियों (बंधकों) को क्यों लौटाएगा?" 

अमेरिका ने लगाया वीटो

गाजा के लिए युद्धविराम पर बातचीत करने के प्रयास रुक गए हैं और अमेरिका ने बुधवार को बिना शर्त स्थायी युद्धविराम के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया. वाशिंगटन के संयुक्त राष्ट्र राजदूत ने कहा कि अमेरिका केवल उस प्रस्ताव का समर्थन करेगा, जो युद्धविराम के हिस्से के रूप में इजरायली बंधकों की तत्काल रिहाई का रास्ता साफ करता है.

यह भी पढ़ें: जंग के बीच अचानक गाजा पहुंचे PM बेंजामिन नेतन्याहू, 1 बंधक की रिहाई के लिए रखा 38 करोड़ रुपए इनाम

कतर और मिस्र के मध्यस्थों के साथ वार्ता में हमास की वार्ता टीम का नेतृत्व करने वाले हय्या ने युद्धविराम न होने के पीछे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जिम्मेदार ठहराया. हय्या ने कहा, "इस फाइल (बातचीत) को फिर से जिंदा करने के लिए कुछ देशों और मध्यस्थों के साथ संपर्क चल रहा है. हम उन प्रयासों को जारी रखने के लिए तैयार हैं लेकिन हमले को रोकने के लिए कब्जे के पक्ष में वास्तविक इच्छाशक्ति देखना अधिक अहम है.

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उन्होंने कहा, "वास्तविकता यह साबित करती है कि नेतन्याहू ही हैं, जो इसे (बातचीत को) कमजोर कर रहे हैं." 

मंगलवार को गाजा की यात्रा के दौरान बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा कि जंग खत्म होने के बाद हमास फिलिस्तीनी क्षेत्र पर शासन नहीं करेगा.

गाजा क्यों पहुंचे नेतन्याहू?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने रक्षा मंत्री इज़राइल कॉट्स के साथ गाजा का दौरा किया. दोनों गाजा में एक अज्ञात जगह पर पहुंचे. वहां पर उन्होंने बंधकों की रिहाई के लिए फिलिस्तीनियों को वित्तीय पुरस्कार और क्षेत्र से बाहर निकलने का ऐलान किया है.

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हर एक बंधक के लिए 50 लाख डॉलर (करीब 38 करोड़ रुपए) का इनाम देने का वादा किया है. उन्होंने कहा, ''मैं उन लोगों से भी कहता हूं जो इस चक्रव्यूह से बाहर निकलना चाहते हैं, जो कोई भी हमें बंधक लाएगा, उसके परिवार को बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. हम प्रत्येक बंधक के लिए 5 मिलियन डॉलर इनाम देंगे. आप चुनें, चुनाव आपका है.''
 
पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला कर 1200 लोगों को मार डाला था, जबकि 250 लोगों को बंधक बना लिया था. इनमें से कुछ को तो दो अल्प युद्धविराम के तहत सशर्त आजाद करा लिया गया, लेकिन कई हमले में मारे गए हैं. अब भी करीब 100 बंधक हमास की कैद में हैं. उन्हें रिहा कराने के लिए लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं. कई बार युद्धविराम की नाकाम कोशिश हो चुकी है.

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