अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध जल्दी खत्म होगा. उन्होंने कहा कि वो होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर समझौता करने को तैयार हैं. ट्रंप की इस घोषणा के बाद ईरान ने भी कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों को वो समुद्री, तकनीकी और मेडिकल सहायता देने को तैयार है.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, समुद्री प्राधिकरण की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह घोषणा जहाजों के कमांडरों के लिए जारी की गई है. इसका मकसद समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना, जहाजों की संचालन क्षमता बेहतर करना और क्रू की रक्षा सुनिश्चित करना बताया जा रहा है.
प्राधिकरण ने कहा कि यह संदेश ईरानी बंदरगाहों के समुद्री संचार चैनलों के जरिए औपचारिक रूप से ब्रॉडकास्ट किया जा रहा है. यह संदेश क्षेत्र में चलने वाले सभी जहाजों, खासकर ईरान के जलक्षेत्र और एंकरिंग क्षेत्रों के पास चल रहे जहाजों के लिए है.
IRNA के अनुसार, समुद्री प्राधिकरण ने कहा कि जरूरत पड़ने पर जहाज ईंधन आपूर्ति, खाद्य सामग्री, मेडिकल सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं और अधिकृत मरम्मत सामग्री जैसी कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं.
लगातार तीन दिनों तक जहाजों के लिए प्रसारित किया जाएगा मैसेज
पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने अपने नियामक और दायित्वों पर जोर देते हुए कहा कि यह पहल होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और टिकाऊ समुद्री यातायात सुनिश्चित करने की ईरान की प्रतिबद्धता को दिखाती है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, घोषणा में यह भी कहा गया कि यह संदेश क्षेत्र के समुद्री संचार नेटवर्क और VHF सिस्टम के जरिए लगातार तीन दिनों तक रोज तीन बार प्रसारित किया जाएगा.
एडवाइजरी में जहाजों के कप्तानों और मालिकों से कहा गया है कि वो सेवाएं लेने और ऑपरेशनल जरूरतों की जानकारी देने के लिए नजदीकी ईरानी बंदरगाहों के वेसल ट्रैफिक सर्विस (VTS) केंद्रों या स्थानीय प्रतिनिधियों से VHF चैनल 16 के जरिए संपर्क करें.
ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम रोका तो ईरान ने की ये घोषणा
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी रूप से रोका जाएगा. अमेरिका की इस पहल का मकसद खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में फंसे कमर्शियल जहाजों की आवाजाही में मदद करना और इरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखना था.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर कहा कि यह फैसला पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर लिया गया है. पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अमेरिका को बड़ी सैन्य सफलता मिली है और ईरानी प्रतिनिधियों के साथ संभावित समझौते की दिशा में भी प्रगति हुई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि यह ऑपरेशन इसलिए रोका गया है ताकि यह देखा जा सके कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौते को अंतिम रूप देकर उस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं या नहीं.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क