यू-टर्न लेने वाले दो चीनी जहाजों ने अब पार किया होर्मुज! ईरान के एक कदम से बढ़ी हलचल

चीन की सरकारी कंपनी COSCO के दो बड़े कंटेनर जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया है. युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान की नाकेबंदी के बाद पहली बार हुआ है जब बड़े कंटेनर जहाजों ने होर्मुज पार किया हो. इससे व्यापार जगत में हलचल देखी जा रही है.

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होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान अब जहाजों से फीस वसूलेगा (Photo: Reuters) होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान अब जहाजों से फीस वसूलेगा (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:16 PM IST

चीन के दो बड़े जहाजों ने होर्मुज स्ट्रेट को पार कर लिया है. ये वही दो जहाज हैं जिन्होंने शुक्रवार को होर्मुज पार करने की अपनी कोशिश बीच में ही छोड़ दी थी और यू-टर्न लेकर लौट आए थे. ये दोनों जहाज चीन की सरकारी कंपनी COSCO शिपिंग लाइंस के हैं जिन्होंने सोमवार को होर्मुज पार किया.

मरीन ट्रैफिक के जहाज-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, होर्मुज के बंद होने के बाद से यह पहली बार है जब किसी बड़े कंटेनर कैरियर ने समुद्री रास्ते को पार किया है.

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अल्ट्रा-लार्ज कंटेनर जहाज CSCL Indian Ocean और CSCL Arctic Ocean के होर्मुज पार करने की जानकारी देते हुए मरीन ट्रैफिक ने एक्स पर लिखा, 'CSCL Indian Ocean ने 08:47 UTC पर होर्मुज पार किया, इसके बाद CSCL Arctic Ocean ने 09:14 UTC पर समुद्री रास्ता पार किया.'

दोनों जहाज चीनी कंपनी COSCO की MEX सेवा पर संचालित होते हैं, जो ओशन अलायंस नेटवर्क का हिस्सा है और मध्य पूर्व को सुदूर पूर्व से जोड़ता है. चीन के ये दोनों जहाज मलेशिया के पोर्ट क्लांग की ओर जा रहे हैं.

इन्हीं दो कंटेनर जहाजों ने शुक्रवार को होर्मुज पार करने की अपनी यात्रा बीच में ही रोक दी थी और यू-टर्न लेकर वापस आ गए थे. बताया गया कि ईरान ने इन्हें होर्मुज से बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता दिया लेकिन फिर भी दोनों जहाज वापस लौट गए थे. क्रू सुरक्षा को लेकर आश्वस्त नहीं था.

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होर्मुज में नाकेबंदी के बीच चीन के बड़े कंटेनर जहाजों का गुजरना अहम

ईरान की सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में प्रभावी रूप से नाकेबंदी कर दी है, जिससे इस रास्ते से गुजरने वाले तेल, गैस और अन्य माल की सप्लाई प्रभावित हुई है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे जिसके जवाब में ईरान ने यह कदम उठाया है.

यह समुद्री रास्ता वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है क्योंकि यहां से रोजाना दुनिया के कच्चे तेल का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है.

ईरान ने चेतावनी दी है कि वो अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत नहीं देगा और उन पर हमले करेगा. भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान, इराक जैसे देशों के कुछ जहाज इस रास्ते से होकर गुजर रहे हैं.

जूलियस बेयर के अर्थशास्त्र प्रमुख नॉर्बर्ट रकर के अनुसार, शिपिंग डेटा से संकेत मिलता है कि होर्मुज के आसपास व्यापार धीरे-धीरे बढ़ रहा है, क्योंकि एशियाई खरीदार जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ समझौते करने को तैयार हैं.

होर्मुज पार करने के लिए ईरान वसूलेगा फीस

पिछले सप्ताह ईरान ने कहा था कि उसकी संसद एक ड्राफ्ट बिल पर काम कर रही है, जिसके तहत होर्मुज से सुरक्षित गुजरने के लिए जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाई जा सकती है.

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इस प्रस्तावित कानून के तहत जहाजों से कथित तौर पर 20 लाख डॉलर तक की राशि वसूली जा सकती है, जिसे 'तेहरान टोलबूथ' कहा जा रहा है.

COSCO ने 25 मार्च को घोषणा की थी कि वो सुदूर पूर्व से मध्य पूर्व के लिए सामान्य कंटेनर बुकिंग फिर से शुरू कर रहा है, जिसमें यूएई, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, कुवैत और इराक शामिल हैं. इससे पहले युद्ध को देखते हुए 4 मार्च को इन बुकिंग्स को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था.

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