क्वीन एलिजाबेथ की अंतिम विदाई, वैश्विक नेताओं को संदेश- प्राइवेट जेट से ना आएं

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को 19 सितंबर को लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे में अंतिम विदाई दी जाएगी. इस शाही स्टेट फ्यूनरल में सख्त प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. लंदन में होने वाले इस स्टेट फ्यूनरल में सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और उनकी पार्टनर्स से शिरकत करने के लिए निजी जेट के बजाए कमर्शियल फ्लाइट्स से आने को कहा गया है.

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ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की अंतिम विदाई 19 सितंबर को होगी ब्रिटेन की दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की अंतिम विदाई 19 सितंबर को होगी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 7:16 PM IST

ब्रिटेन में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को 19 सितंबर को लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे (Westminster Abbey) में अंतिम विदाई दी जाएगी. शाही फ्यूनरल के इस निजी कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर सख्त प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. इस दौरान दुनियाभर के कई नामचीन नेता, राष्ट्रप्रमुख और हस्तियां जुटने वाली हैं.

अमेरिकी न्यूज वेबसाइट पॉलिटिको ने यूके के विदेश, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (एफसीडीओ) के दस्तावेजों के हवाले से बताया है कि सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और उनकी पार्टनर्स से लंदन में होने वाले इस स्टेट फ्यूनरल में शिरकत करने के लिए निजी जेट के बजाए कमर्शियल फ्लाइट्स से आने को कहा गया है. इसके साथ ही इस दौरान हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करने से भी बचने को कहा गया है. 

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वेस्टमिंस्टर एबे तक कार के बजाए बस तक पहुंचने का फरमान

रिपोर्ट के मुताबिक, यह भी कहा गया है कि लंदन के वेस्टमिंस्टर एबे तक पहुंचने के लिए विदेशी हस्तियां अपनी कार का इस्तेमाल नहीं कर सकती बल्कि इसके बजाए उन्हें पश्चिमी लंदन से एबे तक पहुंचने के लिए बस लेनी होगी. स्टेट फ्यूनरल का कार्यक्रम स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे से शुरू हो जाएगा.

पॉलिटो की रिपोर्ट के मुताबिक, एफसीडीओ नोट में कहा गया है कि इस दौरान वेस्टमिंस्टर एबे खचाखच भरा होगा इसलिए किसी देश के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि और उनके पार्टनर के अलावा अन्य किसी तीसरे शख्स का शामिल होगा असंभव होगा.

यह प्रोटोकॉल दस्तावेज को शनिवार रात विभिन्न देशों के दूतावासों और उनके हाई कमिशंस को भेजा गया. एफसीडीओ के नोट में कहा गया कि खेद जताया जाता है कि स्टेट फ्यूनरल सर्विस और उससे जुड़े कार्यक्रमों में सीमित स्थान होने की वजह से किसी देश के प्रमुख और उनके परिवार के सदस्य या स्टाफ के अलावा किसी को भी प्रवेश नहीं मिल सकता. किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष के शामिल नहीं होने की स्थिति में उनके स्थान पर किसी आधिकारिक प्रतिनिधि को भेजा जा सकता है, जो सरकार का प्रमुख या कोई वरिष्ठ मंत्री हो सकता है.

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन महारानी एलिजाबेथ की अंतिम विदाई कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा कई अन्य वैश्विक नेताओं ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि की है.

अंतिम विदाई से पहले किंग चार्ल्स तृतीय विदेशी मेहमानों की मेजबानी करेंगे

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयेन और न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा आर्डर्न भी महारानी एलिजाबेथ के अंतिम संस्कार में शामिल होंगी. इसके अलावा जापान के सम्राट नारुहितो, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के भी पहुंचने की उम्मीद है. वहीं, स्पेन के किंग फेलिपे षष्ठम महारानी की अंतिम विदाई कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं.

इस दौरान विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष महारानी एलिजाबेथ के अंतिम दर्शन कर सकेंगे और बाद में लंदन के लेंसेस्टर हाउस में शोक पुस्तिका (Condolence Book) में हस्ताक्षर करेंगे.

एफसीडीओ के इस नोट में कहा गया है कि स्टेट फ्यूनरल सर्विस से पहले रविवार शाम को लंदन के बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय सभी विदेशी नेताओं की मेजबानी करेंगे.बता दें कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का आठ सितंबर को निधन हो गया था. वह लंबे समय से बीमार थी. वह ब्रिटेन की गद्दी पर सबसे लंबे समय तक बैठने वाली शासक थीं. इसके साथ ही वह शाही गद्दी पर बैठने वाली भी ब्रिटेन की सबसे कम उम्र की शासक रहीं. वह सिर्फ 25 वर्ष की आयु में ब्रिटेन की महारानी बन गई थी. उनके बाद अब उनके सबसे बड़े बेटे चार्ल्स ब्रिटेन के किंग बन गए हैं और किंग चार्ल्स तृतीय के नाम से जाने जा रहे हैं. 

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(रिपोर्टः अदिति खन्ना)

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