पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में पुलिस कार्रवाई के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े स्थानीय दबंगों और नेताओं को पुलिस आधे कपड़ों, अंडर गारमेंट्स में सड़कों पर घुमाती नजर आ रही है. ये घटनाएं मुख्य रूप से हावड़ा जिले की बताई जा रही हैं. वायरल वीडियो में कहीं आरोपियों को हाथों में हथकड़ी लगाकर ले जाया जा रहा है, तो कहीं किसी के सिर और चेहरे के बाल मुंडवाकर उसे सार्वजनिक रूप से घुमाया जा रहा है. एक अन्य वीडियो में एक आरोपी की कमर में रस्सी बांधकर पुलिस उसे इलाके में लेकर जाती दिखाई दे रही है.
पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों को घटनास्थलों की पहचान, अपराध से जुड़े सबूतों की पुष्टि और कथित उगाही नेटवर्क की जांच के लिए मौके पर ले जाया गया था. हालांकि, संबंधित थानों के अधिकारियों ने मीडिया से इस पर खुलकर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
TMC ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
इन घटनाओं को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है. तृणमूल कांग्रेस ने इसे कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है. पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार का काम 'सर्कस चलाना' नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को जरूरत से ज्यादा शक्ति देकर संस्थागत क्रूरता को बढ़ावा दिया जा रहा है और यह संविधान तथा कानून की मूल भावना के खिलाफ है.
कुख्यात अपराधी को बनियान और बॉक्सर में घुमाया
वायरल वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा हावड़ा के कुख्यात अपराधी आकाश सिंह उर्फ 'डॉन आकाश' की हो रही है. पुलिस ने उसे 14 मई को गिरफ्तार किया था. उसके खिलाफ 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं, जिनमें पुलिस पर हमला और बमबाजी के आरोप भी शामिल हैं. पुलिस ने उसे गोलाबाड़ी और मलिपांचघरा इलाके में घटनास्थलों की पहचान के लिए घुमाया. इस दौरान वह बनियान और बॉक्सर में दिखाई दिया, जबकि उसका सिर और चेहरा पूरी तरह मुंडा हुआ था.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आकाश सिंह ने गर्मी की वजह से खुद बाल कटवाने की इच्छा जताई थी. जांच एजेंसियां इस दौरान उसके कथित उगाही नेटवर्क और पुराने अपराध स्थलों की भी पड़ताल कर रही थीं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आकाश सिंह को हावड़ा के पूर्व विधायक गौतम चौधरी का करीबी माना जाता रहा है. पुलिस ने उसे पूर्व मिदनापुर जिले के कोलाघाट इलाके से गिरफ्तार किया था. पश्चिम बंगाल बीजेपी ने भी इस कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का उदाहरण बताया.
'गब्बर' को हथकड़ी लगाकर इलाके में घुमाया
इसी तरह एक अन्य मामले में हावड़ा के शिवपुर इलाके में टीएमसी के वार्ड 36 अध्यक्ष शमीम अहमद उर्फ 'बड़े' या 'गब्बर' को पुलिस ने हथकड़ी लगाकर इलाके में घुमाया. वीडियो में वह सफेद बनियान पहने दिखाई दे रहा है. शमीम अहमद को मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने 21 मई को चेंबूर से गिरफ्तार किया था. वह 7 मई को हुए पोस्ट-पोल हिंसा मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, जिसमें बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की रैली पर बम और गोलीबारी हुई थी और तीन लोग घायल हुए थे.
140 बकरियां बरामद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शमीम अहमद पर अवैध निर्माण, उगाही और इलाके में दबंगई फैलाने के आरोप भी हैं. पुलिस ने उसके घर पर छापा मारकर एक आलीशान पांच मंजिला इमारत, छिपी हुई सीढ़ियां, छत पर जुआ अड्डा और 140 बकरियां बरामद करने का दावा किया है, जिन्हें कथित तौर पर छत पर पाला जा रहा था.
कमर में रस्सी बांधकर घुमाया
हावड़ा जिले के संकरैल इलाके में भी पुलिस ने साहिन मोल्ला उर्फ 'सनी' नामक आरोपी को कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया. वह पहले अस्थायी ट्रैफिक होमगार्ड रह चुका है और उस पर स्थानीय दुकानदारों से उगाही करने के आरोप हैं. पुलिस के मुताबिक, उसे 23 मई को गिरफ्तार किया गया था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसने टीएमसी से कथित नजदीकियों के दम पर इलाके में दबदबा बना रखा था.
इन घटनाओं के बीच पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर पर अपराध और उगाही के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. कई टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई हुई है. कोलकाता नगर निगम के पार्षद सुदीप पॉली को कथित उगाही मामले में गिरफ्तार किया गया, जबकि कृष्णानगर और हुगली में भी पंचायत प्रतिनिधियों पर कार्रवाई हुई है.
क्या कह रही हैं दोनों पार्टियां?
राज्य में जारी इस अभियान को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है. एक ओर बीजेपी सरकार इसे अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई बता रही है, वहीं टीएमसी इसे मानवाधिकार और कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन करार दे रही है. फिलहाल, इन वायरल वीडियो ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिशोध को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
शौनक सान्याल