पश्चिम बंगाल CID ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान TMC के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कथित भड़काऊ बयानों की जांच अपने हाथ में ले ली है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया है.
इससे पहले, बागईआटी के एक निवासी की शिकायत पर बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन इस मामले की जांच कर रहा था. उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच के दौरान कलेक्ट किए गए मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, डिजिटल सबूत और अन्य चीजें सीआईडी को सौंप दी गई हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, "जांच को CID को सौंपने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है. अब तक कलेक्ट की गई केस डायरी, दस्तावेज और डिजिटल सबूत आगे की जांच के लिए एजेंसी को सौंप दिए गए हैं."
क्यों दर्ज हुई एफआईआर?
पश्चिम बंगाल पुलिस ने डायमंड हार्बर के सांसद के खिलाफ विधानसभा चुनावों के दौरान भड़काऊ बयान देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी.
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि यह एफआईआर सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की शिकायत पर 5 मई को उत्तरी 24 परगना जिले के बागईआटी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी. विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद दर्ज इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने चुनाव के बाद हुई हिंसा और वोटों की गिनती की प्रक्रिया पर भड़काऊ टिप्पणियां की थीं.
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अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि अभिषेक बनर्जी के भड़काऊ बयानों का संबंध केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से था.
अधिकारी ने कहा, "संबंधित वीडियो क्लिप, सोशल मीडिया लिंक और अन्य डिजिटल कंटेंट सुरक्षित कर लिए गए हैं. सीआईडी शिकायत के सभी पहलुओं की जांच करेगी और कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करेगी."
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