पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद जारी गतिरोध के बीच कट्टरपंथी बांग्लादेश के एक संगठन प्रमुख नूरुल हुदा ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से अपील करते हुए बंगाल को 'स्वतंत्र देश' घोषित करने की मांग की है. उनके इस बयान के बाद से भारी विवाद खड़ा हो गया है.
चुनाव परिणाम के बाद जारी हिंसा के बीच बांग्लादेश जुलाई जोद्धा संसद (जुलाई योद्धा) के अध्यक्ष मोहम्मद नूरुल हुदा ड्यूक सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए एक पोस्ट शेयर किया. इसमें उन्होंने ममता को बीजेपी को सत्ता नहीं सौंपने के साहसिक फैसले के लिए बधाई दी और आगे बढ़कर 'दिल्ली के शासन' को अस्वीकार करते हुए पश्चिम बंगाल को स्वतंत्र राज्य घोषित करने का आह्वान किया.
'17 करोड़ लोग आपके साथ'
कट्टरपंथी नेता ने पोस्ट में बंगाल की स्वतंत्रता में ममता बनर्जी के पुराने सहयोग का भी जिक्र किया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि बांग्लादेश इस असाधारण मामले में पूरी तरह उनके साथ रहेगा. विवादित पोस्ट में ये भी दावा किया गया है कि यदि ममता बनर्जी स्वतंत्रता की घोषणा करती हैं तो बांग्लादेश के 17 करोड़ लोग उनके (पश्चिम बंगाल) साथ खड़े होंगे और उन्हें एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देंगे. साथ ही उनका निरंतर सहयोग भी सुनिश्चित करेंगे.
ड्यूक के अनुसार, हर व्यक्ति और राज्य को दिल्ली के वर्चस्व से मुक्त होना चाहिए. उन्होंने ममता बनर्जी से बिना डरे स्वतंत्रता की घोषणा करने को कहा है. हालांकि, इस तरह के अलगाववादी बयानों ने सीमा के दोनों ओर सुरक्षा और कूटनीतिक चिंताएं बढ़ा दी हैं.
चुनाव परिणाम के बाद हिंसा
आपको बता दें हाल ही में संपन्न हुए बंगाल विधानसभा में चुनाव में टीएमसी के बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है. चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज कर राज्य में पहली बार सत्ता हासिल की है, जबकि टीएमसी को 80 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है. वहीं, चुनाव परिणामों के बाद से ही पूरे में बंगाल से हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं. बीती बुधवार की रात बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी और निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. दूसरी ओर बंगाल के बशीरहाट में झंडा फहराने को लेकर हुए विवाद में एक हमलावर ने बीजेपी समर्थक को गोली मार दी.
सुबोध कुमार