प्रतीक यादव की तेरहवीं आज, कार्ड में अपर्णा-अखिलेश समेत मुलायम परिवार के कई नाम; श्रद्धांजलि देने पहुंचे CM योगी

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की तेरहवीं के निमंत्रण पत्र में अखिलेश, डिंपल और शिवपाल यादव सहित पूरे परिवार के नाम शामिल हैं, जो पारिवारिक एकजुटता दर्शाता है. इसके साथ ही सैफई की तेरहवीं का सामूहिक भोज न करने की पुरानी आर्थिक-सामाजिक परंपरा भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है.

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 प्रतीक यादव की तेरहवीं आज. (File Photo: ITG) प्रतीक यादव की तेरहवीं आज. (File Photo: ITG)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 2:19 PM IST

मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बीते 13 मई को 38 वर्ष की उम्र में अचानक निधन हो गया था. आज यानी 25 मई को उनकी तेरहवीं (त्रयोदशी संस्कार) है. इस दौरान जो श्राद्ध/तेरहवीं का निमंत्रण पत्र (कार्ड) सामने आया है, वह काफी चर्चा में है.

आपको बता दें कि प्रतीक यादव के त्रयोदशी संस्कार में कई दिग्गज नेता पहुंचे हैं. खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी तेरहवीं में शिरकत करने और श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे हुए हैं. 

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कार्ड में कौन-से नाम शामिल हैं?

इसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम शामिल है. हालांकि, प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार के समय अपर्णा यादव ने जो कार्ड सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट किया था, उसमें केवल अपर्णा और उनकी बेटियों का नाम था, जिससे कई तरह की राजनीतिक और पारिवारिक चर्चाएं शुरू हो गई थीं. 

मुलायम परिवार की एकजुटता

आज की तेरहवीं के कार्ड में इस बार अपर्णा यादव के साथ-साथ बड़े भाई अखिलेश यादव, डिंपल यादव, शिवपाल सिंह यादव और मुलायम परिवार के अन्य प्रमुख सदस्यों के नाम 'दर्शनाभिलाषी' और 'विनीत' के रूप में शामिल किए गए हैं, जो परिवार की एकजुटता को दर्शाता है.

'सैफई परंपरा' की क्यों हो रही है चर्चा?

इस तेरहवीं के साथ ही मुलायम सिंह यादव के पैतृक गांव सैफई की एक पुरानी परंपरा भी चर्चा का विषय बनी हुई है.

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भोज न करने की परंपरा- सैफई गांव में बहुत पहले ही ग्रामीणों ने सहमति से यह तय किया था कि किसी के निधन पर 'तेरहवीं का भोज' नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ पड़ता है.

अखिलेश यादव ने भी निभाई थी परंपरा

जब नेताजी मुलायम सिंह यादव का निधन हुआ था, तब अखिलेश यादव ने भी सैफई की इसी परंपरा का सम्मान करते हुए तेरहवीं का सामूहिक भोज नहीं रखा था, बल्कि केवल 11वें दिन शुद्धि, हवन और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया था.

वहीं, प्रतीक के निधन पर लखनऊ में श्रद्धांजलि सभा और त्रयोदशी संस्कार का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए पूरे शहर में होर्डिंग्स भी लगाए गए हैं और परिवार ने शुभचिंतकों से आवास पर आने की अपील की है.

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