प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया. यह प्रेरणा स्थल वसंत कुंज इलाके में बनाया गया है. पीएम मोदी इस मौके पर जनसभा को भी संबोधित किया. इस राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण केंद्र ने आजाद भारत के महानायकों की विरासत को सम्मान देने के लिए कराया है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक दशक में करोड़ों भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं. उन्होंने कहा कि यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि सरकार ने उन लोगों को प्राथमिकता दी, जो सालों तक पीछे छूटे रहे और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े थे.
उन्होंने बताया कि 2014 से पहले करीब 25 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में थे, जबकि आज लगभग 95 करोड़ भारतीय इस सुरक्षा कवच से जुड़े हुए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर सुशासन के उत्सव को भी याद किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक केवल “गरीबी हटाओ” जैसे नारों को शासन माना गया, लेकिन अटल जी ने सुशासन को ज़मीन पर उतारकर दिखाया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश के करोड़ों नागरिकों को पहली बार पक्का घर, शौचालय, नल से जल, बिजली और गैस कनेक्शन मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं, इलाज और सुरक्षा पहुंचती हैं, तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विज़न के साथ वास्तविक न्याय होता है.
पीएम मोदी ने कहा कि आज मेड इन इंडिया उत्पाद दुनिया भर में पहुंच रहे हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश में बन रहे बड़े डिफेंस कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत किया जा रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने जिस ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत देखी, उसका निर्माण लखनऊ में हो रहा है. इसे उन्होंने भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता का प्रतीक बताया.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की प्रगति का असली पैमाना विकास के आंकड़े नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के चेहरे की मुस्कान है. उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद दर्शन का ज़िक्र करते हुए कहा कि विकास में शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा - सबका संतुलन ज़रूरी है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वतंत्र भारत के शुरुआती उद्योग मंत्रियों में से थे और उन्होंने देश को पहली औद्योगिक नीति दी. उन्होंने कहा कि भारत में औद्योगीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव उसी दौर में रखी गई थी, जिसे आज नई ऊंचाई दी जा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश को निर्णायक दिशा दी. उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने “दो विधान, दो निशान और दो प्रधान” की व्यवस्था को सिरे से खारिज किया था, जो आज़ादी के बाद भी जम्मू-कश्मीर में लागू थी और भारत की अखंडता के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी.
पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी सरकार को अनुच्छेद 370 की दीवार गिराने का अवसर मिला और आज भारत का संविधान जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू है.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ में प्रेरणा स्थल पर हैं. पीएम मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 65 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया. पीएम मोदी ने प्रेरणा स्थल का लोकार्पण कर दिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ पहुंच गए हैं. पीएम मोदी लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वह प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने के लिए कार्यक्रम स्थल रवाना होंगे. पीएम अमौसी एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर के जरिये कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे. पीएम के कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन मुस्तैद है और पुलिस ने भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं.
लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर तीन नेताओं की कांस्य प्रतिमा लगाई गई है. इनमें से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा मूर्तिकार राम सुतार ने बनाई है. राम सुतार ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के शिल्पकार हैं. वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा माटू राम ने तैयार की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में डेढ़ लाख लोगों के पहुंचने के आसार हैं. इसका ध्यान रखते हुए बड़ी तैयारी की गई है. इस आयोजन के लिए आसपास के जिलों से करीब 2000 बसों में लोगों के पहुंचने के अनुमान जताए जा रहे हैं. कार्यक्रम स्थल पर करीब 2600 बसों के साथ ही 2000 कार की पार्किंग के इंतजाम किए गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में लखनऊ पहुंचेंगे. पीएम मोदी के 1 बजकर 50 मिनट पर लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचने का कार्यक्रम है. अमौसी एयरपोर्ट से पीएम हेलिकॉप्टर के जरिये प्रेरणा स्थल के लिए रवाना होंगे. पीएम दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करेंगे.
पीएम मोदी के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे.
एम वेंकैया नायडू अटल स्मृति न्यास के अध्यक्ष चुने गए हैं.
जनसंघ के संस्थापक नेताओं की कांस्य प्रतिमाओं के साथ ही इनके संस्मरणों को सहेजने के लिए बने म्यूजियम का भी लोकार्पण होगा. 65 एकड़ में फैले इस राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निर्माण पर 232 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. 21 करोड़ रुपये से कांस्य प्रतिमाओं का निर्माण हुआ है. इस आयोजन के लिए लखनऊ को दुल्हन की तरह सजाया गया है. चौराहों पर झालरें, दीवारों पर चित्रकारी कराई गई है.
लखनऊ के वसंतकुंज योजना में बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के साथ ही डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की कांस्य प्रतिमा भी लगाई गई है. इन कांस्य प्रतिमाओं की ऊंचाई 65 फीट है. पीएम इनका भी अनावरण करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को लखनऊ में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर 65 एकड़ में बने ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का उद्घाटन करेंगे. यहां 65 फीट ऊंची प्रतिमाएं, संग्रहालय और भव्य परिसर विकसित किया गया है.
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