'हे भगवान ये क्या किया, चला गया मेरा लल्ला...' मातम का वो मंजर, चीर गया हर कलेजा

'हे भगवान, मेरा लल्ला क्यों छीन लिया...' दीपक की मां की यह आवाज सुनकर घर का हर कोना सिसकियों से भर गया. शव जैसे ही आंगन में पहुंचा, मां बेहोश होकर गिर पड़ीं, बहनों की चीखें आसमान तक गूंज उठीं. रिश्तेदार और पड़ोसी की आंखों से आंसू बहने लगे. माहौल इतना गमगीन था कि देखने वालों का दिल पत्थर का भी क्यों न हो, फटकर रोने को मजबूर हो गया.

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दीपक का शव जैसे ही घर पहुंचा हर किसी की आंखें नम हो गईं (फोटो डिजाइन : विक्रम गौतम) दीपक का शव जैसे ही घर पहुंचा हर किसी की आंखें नम हो गईं (फोटो डिजाइन : विक्रम गौतम)

संतोष शर्मा

  • गोरखपुर ,
  • 17 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 2:26 PM IST

'हे भगवान ये क्या किया, चला गया मेरा लल्ला…' यह चीख दीपक की मां के कलेजे को छलनी करती बार-बार सुनाई दे रही थी. रोते-रोते उनका गला भर्रा गया था, आंखों से आंसू सूख चुके थे, मगर दर्द की ज्वाला अब भी उनके हर शब्द में फूट रही थी. कभी बेहोश होकर गिर पड़तीं तो कभी बेटे की तस्वीर को सीने से लगाकर फूट-फूटकर रो पड़तीं. घर की महिलाएं करुण विलाप कर रही थीं और परिजन उनके चेहरे पर पानी छिड़ककर संभालने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन मातम का वो मंजर इतना गहरा था कि वहां मौजूद किसी भी शख्स की आंखें नम हो गईं.

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यह वही दीपक गुप्ता था, जो कुछ ही दिन पहले तक गांव की हंसी-खुशी का हिस्सा था. परिवार के लिए सहारा था. मगर पशु तस्करों से झड़प में उसकी जिंदगी खत्म हो गई.

झगड़े से हत्या तक की पूरी कहानी

घटना की शुरुआत गोरखपुर के पिपराइच इलाके में हुई. दीपक के चाचा विजेंद्र गुप्ता ने आजतक से बताया कि दीपक अपने घर के पास मौजूद फर्नीचर हाउस पर था. तभी दो गाड़ियों से कुछ बदमाश आए और सामान चोरी करने लगे. शोर मचाने पर बदमाशों ने पिस्तौल तान दी और वहां से नहर की ओर भाग निकले. विजेंद्र गुप्ता बताते हैं कि बदमाशों की एक गाड़ी कीचड़ में फंस गई थी. दीपक ने हिम्मत दिखाई और अपनी स्कूटी से उनका पीछा किया. लेकिन पीछा करना उसकी जिंदगी की आखिरी गलती साबित हुई. रास्ते में उसकी स्कूटी फिसलकर गिर गई. इसी बीच बदमाशों ने उसे उठा लिया और गाड़ी में डालकर ले गए.

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चाचा का आरोप है कि बदमाशों ने उसे बेरहमी से पीटा और मुंह में गोली मार दी. इसके बाद शव को घटनास्थल से करीब सात किलोमीटर दूर फेंककर फरार हो गए. लगभग दो घंटे बाद पुलिस को उसका शव मिला. पूरे गांव में मातम पसर गया. परिजनों का कहना है कि दीपक की हत्या में पशु तस्करों के साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मी भी मिले हुए हैं. यही वजह है कि पुलिस हत्या को हादसा बताने की कोशिश कर रही है.

पुलिस का दावा, परिवार का आरोप

हालांकि पुलिस की थ्योरी कुछ और है. अधिकारियों का कहना है कि दीपक को गोली नहीं लगी, बल्कि सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हुई है. लेकिन दीपक की मां और चाचा ने पुलिस की इस बात को सिरे से खारिज कर दिया. दीपक गुप्ता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है, इस रिपोर्ट में मौत का कारण हेड इंजरी बताया गया है. गोरखपुर के एसएसपी राजकरण का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में छह लोग की भूमिका उजागर हुई है, पुलिस जल्द ही इन लोगों को गिरफ्तार कर लेगी. पांच टीमें इन लोगों की तलाश में लगाई गईं हैं.जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

गम और गुस्से में डूबा परिवार

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दीपक की मौत ने उसके पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है. मां बार-बार बेहोश हो रही हैं, पिता चुप्पी साधे बैठे हैं. महिलाएं करुण रुदन कर रही हैं. हर कोई यही कह रहा है अब कौन संभालेगा इस घर को? चाचा विजेंद्र गुप्ता और अन्य परिजनों ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने सरकार से तीन प्रमुख मांगे रखी हैं :

- परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले.

- एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए.

- दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए.

गांव में आक्रोश, पुलिस पर आरोप

गांव के लोग दीपक की मौत को लेकर गुस्से में हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर पहुंचती और सख्ती दिखाती, तो शायद दीपक आज जिंदा होता. कई ग्रामीणों ने खुलेआम कहा कि पिपराइच थाने की पुलिस ने पशु तस्करों से मिलीभगत कर रखी है. लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन करेंगे.

अंतिम यात्रा में उमड़ा सैलाब

दीपक के अंतिम संस्कार के समय गांव और आसपास के हजारों लोग शामिल हुए. हर किसी की आंखों में आंसू थे. शव यात्रा में पशु तस्करों को फांसी दो जैसे नारे गूंज रहे थे. गमगीन माहौल में चिता की आग भड़क उठी. दीपक की कई परिजन श्मशान घाट पर ही बेहोश हो गए और चिता को देखते रह गए.

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परिजनों से मिल सकते हैं सीएम

बताया जा रहा है कि जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर आएंगे और पीड़ित परिवार को सांत्वना देकर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर सकते हैं .

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