उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के देवबंद क्षेत्र में पुलिस ने एक महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए दो आरोपियों विशाल और गगन को गिरफ्तार किया है. आरोपी विशाल ने खुद पर लगे 'चोर' के ठप्पे को हटाने और लोगों में अपना खौफ पैदा करने के लिए 29 अप्रैल की रात को अपने साथी गगन के साथ मिलकर राहगीर पिंटू को रोका. आरोपियों ने पहले उसकी गर्दन दबाई और फिर गन्ने के खेत में ले जाकर ईंट के अध्दे से सिर पर वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. मृतक मुजफ्फरनगर निवासी था.
पिता की पिटाई और तानों ने बनाया हत्यारा
पूछताछ में मुख्य आरोपी विशाल ने बताया कि वह पहले भी लूट के मामले में जेल जा चुका था. कुछ दिन पहले वह मुकदमे की तारीख पर मुजफ्फरनगर कचहरी गया था, जहां बाइक खराब होने पर वह उसे वहीं छोड़ आया.
घर लौटने पर पिता ने बाइक बेचने का आरोप लगाते हुए उसे चोर कहकर पीटा. इसके बाद मोहल्ले वाले भी उसे ताने देने लगे, जिससे गुस्साए विशाल ने खुद पर लगा चोर का ठप्पा हटाने के लिए किसी भी अजनबी की हत्या करने की खौफनाक योजना बना ली.
गन्ने के खेत में वारदात, नाले में फेंका शव
योजना के तहत विशाल और गगन 29 अप्रैल की रात मनोज की ट्यूबवेल पर बैठ गए. वहां से गुजर रहे पिंटू को रोककर दोनों ने गन्ने के खेत में ईंट से कूचकर उसकी जान ले ली. हत्या के बाद आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए मृतक की बाइक को मुजफ्फरनगर बाईपास के पास एक होटल के नजदीक छोड़ दिया. इसके बाद वे वापस आए और लाश को खेतों से करीब 150-200 मीटर दूर ले जाकर रस्सी से दो पत्थर बांधकर नाले में फेंक दिया.
ऐसे खुला एक महीने पुराना मर्डर केस
मामला तब खुला जब 3 मई को नाले से पिंटू का शव बरामद हुआ, जो 30 अप्रैल से लापता था. मृतक के भाई मिंटू ने देवबंद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी. एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को विशाल और गगन पर शक हुआ, जिसके बाद दोनों को घलौली जाने वाले मोड़ से गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल आधी ईंट, खून से सनी शर्ट, मृतक का आधार और पैन कार्ड बरामद कर लिया है.
राहुल कुमार