लखनऊ: अविमुक्तेश्वरानंद के 'गौ धर्मयुद्ध' कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व PCS अलंकार अग्निहोत्री, कांग्रेस के अजय राय और सपा विधायक भी हुए शामिल

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के 'गौ प्रतिष्ठा धर्म युद्ध' कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा सहित पूर्व PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी शामिल हुए. विपक्ष ने भाजपा पर गौ रक्षा के नाम पर केवल राजनीति करने का आरोप लगाया, वहीं पूर्व अधिकारी ने प्रशासन की शर्तों को 'सनातनी विरोधी' करार दिया.

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Photo- Screengrab) स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Photo- Screengrab)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ ,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 3:48 PM IST

लखनऊ के कांशीराम प्रेरणा स्थल पर बुधवार को आयोजित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के गौ रक्षा कार्यक्रम में विपक्षी दलों के नेताओं और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों ने शिरकत की. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने अविमुक्तेश्वरानंद के इस अभियान को अपना समर्थन दिया है. 

वहीं, पूर्व PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने आयोजन के लिए लगाई गई 26 प्रशासनिक शर्तों, विशेषकर पुलिस बल का खर्च आयोजकों से वसूलने के नियम पर कड़ी आपत्ति जताई. सपा विधायक ने एलान किया कि 2027 में सत्ता में आने पर उनकी पार्टी गौ माता को राज्य माता घोषित करेगी.

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शर्तों पर पूर्व अधिकारी का प्रहार

पूर्व PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने प्रशासन के रवैये को पक्षपाती बताया. उन्होंने कहा कि भीड़ की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है, इसके लिए आयोजकों से पैसा वसूलना गलत है. अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि क्या ऐसी सख्त शर्तें हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाले गैर-सनातनी लोगों के कार्यक्रमों पर भी लगाई जाती हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि एक हिस्ट्रीशीटर के आधार पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें परेशान किया जा रहा है.

सपा और कांग्रेस का समर्थन

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार केवल गौ रक्षा की बातें करती है, काम नहीं. उन्होंने वादा किया कि 2027 के चुनावी घोषणा पत्र में गौ माता को राज्य माता घोषित करने का मुद्दा शामिल किया जाएगा. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने भी स्पष्ट किया कि वे और उनकी पार्टी गौ माता की रक्षा के इस पुनीत कार्य में पूज्य शंकराचार्य के साथ मजबूती से खड़े हैं.

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