मस्जिद में मासूम से दरिंदगी... मौलाना को 'अंतिम सांस' तक जेल; हमीरपुर कोर्ट का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से न्याय की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां मासूम बच्चों को मजहबी तालीम देने वाले एक मौलाना ने ही रिश्तों और विश्वास को कलंकित कर दिया. मस्जिद जैसी पवित्र जगह पर 11 वर्षीय मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले हैवान को अदालत ने ऐसी सजा सुनाई है कि वह अब अपनी आखिरी सांस तक जेल की सलाखों के पीछे ही रहेगा.

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तालीम के नाम पर दरिंदगी करने वाले मौलाना को उम्रकैद.(Photo:ITG) तालीम के नाम पर दरिंदगी करने वाले मौलाना को उम्रकैद.(Photo:ITG)

नाह‍िद अंसारी

  • हमीरपुर,
  • 23 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:13 PM IST

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की एक विशेष अदालत ने मासूम बच्ची के साथ रेप के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अनिल कुमार खरवार ने दोषी मौलाना मुंतजिर आलम को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया है कि यह सजा सामान्य नहीं, बल्कि दोषी को अपने जीवनकाल की अंतिम सांस तक जेल में ही बितानी होगी.

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सरकारी वकील रुद्र प्रताप सिंह के अनुसार, यह मामला कुरारा थाना इलाके के एक गांव का है. 29 नवंबर 2023 की सुबह 7 बजे 11 वर्षीय पीड़िता अपने छोटे भाई के साथ मस्जिद में पढ़ाई करने गई थी. मौलाना मुंतजिर आलम ने बाकी बच्चों की छुट्टी कर दी और पीड़िता के भाई को बर्तन धोने के काम में लगा दिया.

पीड़िता को झाड़ू लगाने के बहाने रोका और फिर जबरदस्ती उठाकर अपने बेड पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया.

साढ़े 8 बजे घर पहुंचकर बयां किया दर्द
मासूम बच्ची ने घर पहुंचकर अपनी दादी को रोते हुए आपबीती सुनाई. इसके बाद बच्ची के चाचा तुरंत उसे लेकर थाने पहुंचे और तहरीर दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बिहार के पूर्णिया जिले के निवासी मौलाना के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था.

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अदालत का फैसला और भारी जुर्माना
विशेष न्यायाधीश ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मुंतजिर आलम को दोषी करार दिया. अब वह मरते दम तक जेल में रहेगा और दोषी पर 26,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.

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