बिहार के समस्तीपुर निवासी 40 वर्षीय मजदूर तेतर दास की मंगलवार शाम गोरखपुर में मौत हो गई. शाहपुर थाना क्षेत्र के फातिमा बाईपास रोड पर स्थित एक शराब की दुकान के सामने खुले नाले में गिरने से उनकी मौत हुई थी. स्थानीय लोगों और पुलिस ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद रस्सी के सहारे उन्हें बाहर निकालकर बीआरडी अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शिनाख्त के बाद जब पुलिस ने मृतक की बेटी अंजू को फोन कर पोस्टमार्टम और शव ले जाने की सूचना दी, तो उसने अपनी घोर गरीबी और बेबसी का हवाला देकर आने से असमर्थता जताई.
शराब दुकान के सामने नाले में गिरा मजदूर, मची चीख-पुकार
मंगलवार की शाम फातिमा बाईपास रोड पर तब हड़कंप मच गया जब तेतर दास अचानक खुले नाले में गिर गए. उन्हें गिरता देख स्थानीय लोग बचाने के लिए दौड़े और पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची शाहपुर थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रस्सी के सहारे कुछ युवकों को नाले के अंदर उतारा. करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेतर दास को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
फोन पर रो पड़ी बेटी, पुलिस के सामने बयां की अपनी बेबसी
पुलिस ने जब शव की शिनाख्त कर बिहार में रह रही बेटी अंजू से संपर्क किया, तो उसकी आंखों से बेबसी के आंसू छलक पड़े. अंजू ने रोते हुए पुलिस से कहा, "साहब, हम लोग बहुत गरीब हैं. मेरी मां की 5 साल पहले ब्लड कैंसर से मौत हो चुकी है. पिता ने 10 साल पहले मेरी शादी की थी, मेरे पांच बच्चे हैं और पति मजदूरी करते हैं. पिछले 5 साल से पिता से कोई बात भी नहीं हुई थी."
'किराए के पैसे नहीं हैं साहब, आप ही कर दीजिए अंतिम संस्कार'
जब पुलिस ने अंजू पर गोरखपुर आने के लिए दबाव बनाया, तो उसने हाथ जोड़कर विनती की. उसने कहा कि इस वक्त उसके हालात ऐसे हैं कि उसके पास गोरखपुर आने तक का किराया नहीं है. अंजू ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा, "साहब, आप ही मेरे पिता के अंतिम संस्कार का इंतजाम करा दीजिए." बेटी की इस लाचारी को सुनकर पुलिस भावुक हो गई और उसे ढांढस बंधाया.
राजघाट पर पुलिस खुद कराएगी मृतक का अंतिम संस्कार
बेटी की दर्दभरी दास्तान और बेबसी सुनने के बाद शाहपुर थाना पुलिस ने इंसानियत की मिसाल पेश की है. पुलिस प्रशासन ने पीड़ित बेटी अंजू को पूरा आश्वासन दिया और भरोसा दिलाया कि उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है. पुलिस अधिकारियों ने फैसला किया है कि मृतक तेतर दास के शव का अंतिम संस्कार पुलिस प्रशासन द्वारा गोरखपुर के राजघाट पर पूरे सम्मान के साथ कराया जाएगा.
गजेंद्र त्रिपाठी