UP: 15 साल की बेटी से पिता ने की हैवानियत, कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, 11 हजार जुर्माना भी ठोका

बांदा के गिरवां थाना क्षेत्र में एक पिता ने 15 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म किया. मां के काम जाने पर घटना हुई. मामला उस समय सामने आया जब पीड़िता की मां ने पुलिस को शिकायत की कि उसका पति बेटी के साथ गलत हरकतें करता है. गिरवां पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

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मां के काम जाने पर घटना हुई. (Representational Image) मां के काम जाने पर घटना हुई. (Representational Image)

सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 31 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 10:40 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा में गिरवां थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया. एक पिता हवस का शिकार बनकर अपनी ही 15 वर्षीय नाबालिग बेटी पर टूट पड़ा. घटना 9 फरवरी 2020 की है, जब पीड़िता की मां काम पर चली गई थी और घर में अकेली बेटी को पाकर आरोपी ने दुष्कर्म को अंजाम दिया.

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दरअसल, मामला उस समय सामने आया जब पीड़िता की मां ने पुलिस को शिकायत की कि उसका पति बेटी के साथ गलत हरकतें करता है. गिरवां पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. तब से वह न्यायिक हिरासत में है. पुलिस ने जांच शुरू की, जिसमें वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए. अभियोजन पक्ष ने कुल 7 गवाह पेश किए, जिनमें पीड़िता, उसकी मां और अन्य शामिल थे.

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मुकदमे की सुनवाई के दौरान लंबी प्रक्रिया चली. कुल 45 तारीखें पड़ीं और 4 जज बदल गए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं, साक्ष्यों की पड़ताल हुई. अंततः अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया. कोर्ट ने उसे 20 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माने की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी.

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सरकारी अधिवक्ता कमल सिंह गौतम ने बताया, यह मामला POCSO एक्ट के तहत दर्ज हुआ था. पुलिस और अभियोजन ने मजबूत केस तैयार किया. 7 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जज ने सजा सुनाई. आरोपी जेल में ही रहेगा. यह घटना समाज में बढ़ते अपराधों पर सवाल उठाती है. कोर्ट का सख्त रुख पीड़ितों को न्याय की उम्मीद देता है. पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है.

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