मोहन भागवत से मिले CM योगी, आधे घंटे हुई बातचीत, 2027 चुनाव पर चर्चा!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बीच लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में करीब आधे घंटे चली अहम मुलाकात हुई. इस बैठक को प्रदेश की सियासत और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत से मुलाकात की. (File Photo: PTI) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत से मुलाकात की. (File Photo: PTI)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ ,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:21 PM IST

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत की बुधवार को लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में अहम मुलाकात हुई. इस दौरान दोनों के बीच करीब आधे घंटे तक प्रदेश के सामाजिक और सियासी हालातों पर बातचीत हुई. इस मुलाकात को प्रदेश की राजनीति और आने वाले समय में होने वाले बड़े फैसलों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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सीएम योगी और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात से परिचित सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन की मजबूती और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. माना जा रहा है कि चुनावी रणनीति, संगठनात्मक ढांचे को और प्रभावी बनाने तथा सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर भी विचार-विमर्श हुआ.

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बता दें कि इससे एक दिन पहले लखनऊ में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सभी जातियों को साथ लेकर चलने और सामाजिक समरसता पर जोर देने वाला बयान दिया था. ऐसे में इस मुलाकात के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई होगी कि प्रदेश में सभी जातियों और वर्गों को साथ जोड़कर किस तरह राजनीतिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखा जाए. सामाजिक समरसता को संगठन और सरकार की नीतियों में कैसे और मजबूत किया जाए, इस पर भी मंथन संभव माना जा रहा है.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं बल्कि राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है. आने वाले कुछ महीनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है. संगठनात्मक स्तर पर फेरबदल, भाजपा संगठन में बदलाव और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी इस बैठक में चर्चा होने की अटकलें हैं. माना जा रहा है कि दोनों के बीच सरकार के कामकाज की समीक्षा, कुछ विभागों के प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर भी बातचीत हुई होगी.
 

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