उत्तर प्रदेश के लखनऊ के आशियाना इलाके में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां लापता पैथोलॉजी संचालक का शव घर के अंदर एक ड्रम में बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस जांच में जो कहानी सामने आ रही है, उसने रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है. शुरुआती जांच के मुताबिक, पिता-पुत्र के बीच पढ़ाई और करियर को लेकर हुए विवाद ने इस वारदात को जन्म दिया.
मृतक की पहचान वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो 20 फरवरी से लापता थे. उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज कराई जा चुकी थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतनी भयावह दिशा ले लेगा. सोमवार को सेक्टर L स्थित मकान नंबर 91 से एक ड्रम के अंदर उनका शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर जांच तेज कर दी.
पिता के राइफल रखने पर बेटे ने चला दी गोली
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना वाले दिन यानी 20 फरवरी की सुबह पिता और बेटे के बीच पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर तीखी बहस हुई थी. बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान गुस्से में पिता ने अपनी लाइसेंसी राइफल निकालकर बेटे को डराने की कोशिश की. हालांकि बेटे के शांत होने का भरोसा देने पर पिता ने राइफल को साइड में रख दिया. इसी मौके का फायदा उठाते हुए बेटे ने कथित तौर पर राइफल उठाई और पिता के सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
गोली चलने के बाद नीचे आई बेटी
गोली चलने की आवाज सुनकर घर में मौजूद 16 वर्षीय बेटी, जो 11वीं की छात्रा है, ऊपर से नीचे आई. पुलिस के अनुसार, आरोपी बेटे ने बहन को धमकाया और कहा कि वह रोज-रोज के दबाव और झगड़े से परेशान था, इसलिए उसने यह कदम उठाया. उसने बहन को चुप रहने की धमकी भी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे भी मार देगा. डर के कारण बहन ने किसी को कुछ नहीं बताया.
शव को काटकर ड्रम में भर दिया
इसके बाद आरोपी बेटे ने कथित रूप से साक्ष्य मिटाने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक उसने शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर ग्राउंड फ्लोर के एक खाली कमरे में रखा और शव के टुकड़े कर उन्हें ठिकाने लगाने की कोशिश की. कुछ अंगों को सदरौना इलाके के पास फेंकने की बात भी सामने आई है, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा घर के ड्रम में छिपाकर रखा गया था. DCP सेंट्रल जोन के मुताबिक, बेटे को नीट की तैयारी के लिए पिता लगातार डांट देते थे. जिससे वह काफी ज्यादा नाराज हो रहा था. कई बार इसे लेकर घर में बहस हो चुकी थी. बेटे ने आरी से गला काटकर ड्रम में भर दिया.
मामले का खुलासा तब हुआ जब मानवेंद्र सिंह चार दिन तक घर नहीं लौटे और पड़ोसियों को शक हुआ. पड़ोसी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वे लगातार उनकी तलाश कर रहे थे. जब वे पुलिस के पास पहुंचे तो बेटे ने पहले कहा कि उसके पिता ने आत्महत्या कर ली है. लेकिन पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और कथित तौर पर पूरी घटना कबूल कर ली.
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि थाना आशियाना में 20 फरवरी को गुमशुदगी की सूचना दर्ज की गई थी. जांच के दौरान मृतक के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (उम्र करीब 19 वर्ष) से गहन पूछताछ की गई. पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे पिता से विवाद के बाद उसने आवेश में आकर गोली मार दी, जिससे उनके पिता की मौत हो गई.
सबूत मिटाने के लिए बनाया ये प्लान
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को क्षत-विक्षत किया और अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की कोशिश की. घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया. टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
इस केस यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ अचानक हुए विवाद का नतीजा था या इसके पीछे कोई और वजह या योजना भी थी. पुलिस आसपास के लोगों, रिश्तेदारों और अन्य संभावित कड़ियों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके.
फिलहाल पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी रखी है और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के कारणों और समय को लेकर और स्पष्टता आने की उम्मीद है.
आशीष श्रीवास्तव / अंकित मिश्रा