सारस पक्षी के 'दोस्त' आरिफ पर FIR, वन विभाग ने भेजा नोटिस

सारस पक्षी को अपने साथ रखने वाले मोहम्मद आरिफ पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के तहत केस दर्ज हुआ है. इस संबंध में बयान दर्ज कराने के लिए उप प्रभागीय वनाधिकारी गौरीगंज अमेठी की ओर से आरिफ को नोटिस भेजा गया है. उधर, सारस को रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार से कानपुर के चिड़ियाघर में शिफ्ट किया गया है. 

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सारस के साथ मोहम्मद आरिफ (फाइल फोटो). सारस के साथ मोहम्मद आरिफ (फाइल फोटो).

शिल्पी सेन

  • अमेठी ,
  • 25 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 5:54 PM IST

सारस पक्षी को अपने साथ रखने वाले यूपी में अमेठी के मोहम्मद आरिफ पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन के तहत केस दर्ज हुआ है. साथ ही आरिफ को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया है. यह नोटिस उप प्रभागीय वनाधिकारी गौरीगंज अमेठी की ओर से भेजा गया है. आरिफ की सारस से साल 2022 के अगस्त महीने में उस समय हुई थी मुलाकात, जब वो जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था. आरिफ ने इसकी जान बचाकर पक्षी के मन में अपने लिए प्रेम जगाया था. करीब एक साल से सारस आरिफ और उनके परिवार के साथ ही रह रहा था.

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कानपुर के चिड़ियाघर लाया गया सारस

बीते दिनों वन विभाग की टीम सारस को रायबरेली के समसपुर पक्षी विहार लेकर चली गई थी. अब सारस को नया ठिकाना मिल गया है. उसे समसपुर पक्षी विहार से उन्नाव और उसके बाद कानपुर के चिड़ियाघर लाया गया है. इसको लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "चिड़ियाघर में बंद परिंदा… ये कैसी आजादी है?".

चिड़ियाघर में 15 दिन क्वारंटाइन रहेगा सारस

कानपुर चिड़ियाघर की टीम ने बताया कि सारस को पक्षी विहार की टीम द्वारा यहां लाया गया है. इसे 15 दिन क्वारंटाइन रखा जाएगा. इसके बाद इसको चिड़ियाघर के उस बड़े हिस्से में छोड़ा जाएगा, जहां वो पेड़ों पर बैठ सकेगा. चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि सारस एकदम स्वस्थ है और प्रोटोकॉल के चलते 15 दिन की निगरानी में है. यहां केयर टेकर के अलावा किसी को जाने की अनुमति नहीं है.

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अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर बोला था हमला

उधर, देर शाम एक बार फिर अखिलेश यादव ने सारस के बंद पिजरे का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, "सारस को तो कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया… "क्या गोलू को भी गोरखपुर चिड़ियाघर भेजेंगे?" इससे पहले अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा था, 'यूपी के पक्षी-प्रेमी 'बी सैया' नामक गांव को बहुत धन्यवाद जिसने सारस को बचाया, खिलाया पिलाया और वो काम कर दिखाया, जिसमें यूपी की सरकार नाकाम रही. सच तो ये है कि प्रेम से बड़ी सत्ता और कोई हो ही नहीं सकती… भाजपाई अगर समय रहते ये समझ लें तो शायद उनके अंदर की नफ़रत कुछ कम हो जाए.'

 

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