उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के करंडा क्षेत्र में 22 अप्रैल को समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने पर कटरिया गांव रणक्षेत्र बन गया. निशा हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची भीड़ ने अचानक पथराव और लाठी-डंडे चलाना शुरू कर दिया, जिससे गांव में तनाव फैल गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सपा जिलाध्यक्ष और एक विधायक समेत 40 नामजद और 200 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है. अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 दिन की रिमांड पर लिया गया है. प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सीसीटीवी से खुला राज
निशा हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है. शुरुआती आशंकाओं के उलट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है और न ही शरीर पर कोई आंतरिक चोट मिली है. सीसीटीवी फुटेज में निशा रात 2 बजे अकेले नदी की ओर जाती दिखाई दी है. फिलहाल, पुलिस ने मुख्य आरोपी हरिओम पांडे को जेल भेज दिया है, जबकि अभिषेक पांडे से पूछताछ जारी है. जांच में पता चला कि अभिषेक ने निशा को आखिरी मैसेज कर घर जाने के लिए कहा था.
सपा समर्थकों पर पथराव और हिंसा का आरोप
गांव में हिंसा तब भड़की जब सपा का डेलिगेशन पहुंचा. पुलिस ने केवल 15 लोगों को अनुमति दी थी, लेकिन बड़ी भीड़ जमा हो गई. आरोप है कि मुंह पर कपड़ा बांधे और हाथों में डंडे लिए सपा कार्यकर्ताओं ने पथराव किया. हमले में घायल ग्रामीणों का कहना है कि डेलिगेशन के साथ आए लोगों ने बिना वजह लाठी-डंडे चलाए. मौके पर आज भी घरों की टूटी टीन और बिखरे पत्थर उस खौफनाक मंजर की गवाही दे रहे हैं.
राजनीति और न्याय की गुहार
ग्रामीणों का दावा है कि समाजवादी पार्टी ने इस दुखद मामले पर राजनीति कर गांव का माहौल खराब किया है. घायल लोग इतने सहमे हैं कि ठीक से बोल भी नहीं पा रहे. दूसरी ओर, मृतका के माता-पिता ने अपनी बेटी के लिए कड़े न्याय की मांग की है. उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी हरिओम को वैसी ही सजा मिले जैसी उनकी बेटी को मिली. माता-पिता ने बेटी को मोबाइल दिए जाने की बात पर भी अपना दुख व्यक्त किया है.
अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की नजर
एसएसपी गाजीपुर ईरिश राजा के नेतृत्व में पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई. गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों से पूछताछ कर साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पथराव पूर्व नियोजित था या मौके पर अचानक भड़का. फिलहाल कटरिया गांव में सन्नाटा है और पुलिस हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रही है.
आशीष श्रीवास्तव