'रामचंद्र दास के दबाव में कराई थी फर्जी FIR', अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन शोषण का आरोप लगा पलटे आशुतोष

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग शिष्यों के कथित यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है. शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने यह मुकदमा दबाव में आकर दर्ज कराया था और अब इसे 'फर्जी मामला' बताया है.

Advertisement
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके पास व्हाट्सएप चैट है. Photo ITG आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके पास व्हाट्सएप चैट है. Photo ITG

aajtak.in

  • मथुरा ,
  • 10 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:34 PM IST

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नाबालिग शिष्यों के कथित यौन शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है. शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उन्होंने यह मुकदमा दबाव में आकर दर्ज कराया था और अब इसे 'फर्जी मामला' बताया है. आशुतोष ने कहा, 'रामचंद्र दास के दबाव में फर्जी FIR कराई थी.'

सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो मैसेज में आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि मथुरा स्थित देव आश्रम के महंत रामचंद्र दास ने उन पर दबाव बनाकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने कहा कि उन्हें गुमराह किया गया और इस पूरी प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों की भी भूमिका थी.

Advertisement

आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उनके पास व्हाट्सएप चैट और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिनसे यह साबित होगा कि शिकायत किस प्रकार और किन परिस्थितियों में दर्ज कराई गई. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इन सबूतों को सार्वजनिक करेंगे.

रामचंद्र दास को ढोंगी और धोखेबाज बताया
उन्होंने रामचंद्र दास पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ढोंगी और धोखेबाज बताया. साथ ही आरोप लगाया कि रामचंद्र दास ने कथित तौर पर फर्जी वसीयत तैयार कर देव आश्रम पर अवैध कब्जा किया है. इस संबंध में उन्होंने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने की बात भी कही. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वह न्यायालय का रुख करेंगे.

आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य के खिलाफ साजिश रची जा रही है. उनका कहना है कि यदि उनके गुरु को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी रामचंद्र दास की होगी.

Advertisement

रामभद्राचार्य ने दिया जवाब
वहीं, जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है. एक वीडियो मैसेज में उन्होंने कहा कि आशुतोष ब्रह्मचारी के बयान से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है. उन्होंने आशंका जताई कि यह उनके और उनके उत्तराधिकारी की छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा हो सकता है. रामभद्राचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि आशुतोष ब्रह्मचारी का आपराधिक इतिहास रहा है.

आशुतोष ब्रह्मचारी पर कार्रवाई की मांग
इस बीच मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग भी उठी है. श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास, मथुरा के अध्यक्ष पंडित दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच और आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि आशुतोष ब्रह्मचारी पहले भी संतों और अन्य लोगों पर झूठे आरोप लगाकर विवाद खड़े करते रहे हैं.

क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि जनवरी 2026 में आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि धार्मिक आयोजनों और गुरु सेवा के नाम पर नाबालिगों का यौन शोषण किया गया. इसके बाद प्रयागराज की विशेष अदालत ने पुलिस को पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर स्वतंत्र जांच के निर्देश दिए थे.

Advertisement

बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अग्रिम जमानत दे दी. अदालत ने मामले में दोनों पक्षों को मीडिया के समक्ष बयान देने से भी रोकते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था. इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने भी उनकी जमानत के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी थी, जिससे उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है. फिलहाल आशुतोष ब्रह्मचारी के नए दावों ने पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »