रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं रह गया है. अब लड़ाई का एक नया और खतरनाक तरीका सामने आया है. यूक्रेन की पुलिस का दावा है कि रूसी एजेंट युवा लड़कियों और किशोरियों का इस्तेमाल करके यूक्रेनी सैनिकों और सैन्य अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसा रहे हैं. इसके बाद उन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की जा रही है.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख इवान विहिव्स्की के मुताबिक, अब तक ऐसे कम से कम छह मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें युवा महिलाओं को सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए भर्ती किया गया. इन मामलों में एक 17 साल की लड़की का नाम भी शामिल है.
कैसे काम करता है पूरा जाल?
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूसी एजेंट सबसे पहले टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लड़कियों से संपर्क करते हैं. उन्हें आसान तरीके से पैसे कमाने का लालच दिया जाता है. इसके बाद उन्हें खास निर्देश दिए जाते हैं.
लड़कियों से कहा जाता है कि वे डेटिंग वेबसाइट्स और एडल्ट डेटिंग प्लेटफॉर्म पर यूक्रेनी सैनिकों या सैन्य अधिकारियों की तलाश करें. जब किसी सैनिक से संपर्क हो जाता है, तो मुलाकात की तैयारी शुरू की जाती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात के लिए किराए पर कमरा लेने तक का पैसा कथित तौर पर रूसी एजेंट उपलब्ध कराते हैं. इसके बाद लड़कियों को बताया जाता है कि उन्हें कौन सा पदार्थ इस्तेमाल करना है और उसे सैनिक के खाने या ड्रिंक में कैसे मिलाना है.
जहर देकर हत्या का आरोप
यूक्रेनी पुलिस का कहना है कि इस काम के लिए मेथाडोन नामक दवा का इस्तेमाल किया जा रहा है. यह एक सिंथेटिक ओपिओइड है, जिसका उपयोग कुछ मेडिकल स्थितियों में दर्द निवारक के तौर पर किया जाता है. हालांकि अधिक मात्रा में यह जानलेवा साबित हो सकती है.अधिकारियों के अनुसार, लड़कियों को निर्देश दिया जाता है कि मुलाकात के दौरान सैनिक के ड्रिंक्स में यह जहर मिला दें.
17 साल की लड़की गिरफ्तार
हाल ही में यूक्रेन के झिटोमिर क्षेत्र में एक 27 साल का सैनिक मृत पाया गया था. जांच के दौरान पुलिस को उसके बर्तनों में संदिग्ध पाउडर मिला. इस मामले में 17 साल की एक लड़की को गिरफ्तार किया गया.
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पुलिस के अनुसार, लड़की ने पूछताछ में दावा किया कि उसे टेलीग्राम पर संपर्क करने वाले एक व्यक्ति ने यह काम करने के लिए कहा था. उसे एक पार्सल में पारदर्शी पदार्थ भेजा गया था, जिसे उसने सैनिक की शराब में मिला दिया.पुलिस का आरोप है कि ड्रिंक पीने के बाद सैनिक बेहोश हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई. हालांकि मामले की जांच अभी जारी है.
पहले भी लगते रहे हैं ऐसे आरोप
रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे पर अपने नागरिकों को भर्ती कर तोड़फोड़, जासूसी और टारगेटेड हमले करवाने के आरोप लगाते रहे हैं. यूक्रेन का कहना है कि 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से 1100 से ज्यादा लोगों पर देश के खिलाफ आगजनी, तोड़फोड़ या आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे हैं.
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यूक्रेनियन अधिकारियों का दावा है कि अब सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी इस संघर्ष का नया मोर्चा बनते जा रहे हैं, जहां प्यार और दोस्ती के नाम पर सैनिकों को निशाना बनाया जा रहा है.
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