जोरदार ठंड की सौगात लेकर आएगा नया साल

उत्तराखंड और हिमाचल के कई इलाकों में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मौसम करवट ले सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और पंजाब के तमाम इलाके घने कोहरे की चपेट में रहेंगे.

Advertisement
नए साल में बढ़ेगी ठंड नए साल में बढ़ेगी ठंड

सिद्धार्थ तिवारी

  • नई दिल्ली,
  • 30 दिसंबर 2016,
  • अपडेटेड 11:26 PM IST

उत्तराखंड और हिमाचल के कई इलाकों में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को मौसम करवट ले सकता है. ऐसा अनुमान है कि इन दोनों राज्यों में के निचले इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी होगी.

मौसम विभाग का कहना है कि बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान और पंजाब के तमाम इलाके घने की चपेट में रहेंगे. ऐसा कहा जा रहा है इन सभी राज्यों में तमाम स्थानों पर साल के अंतिम दिन जीरो विजिबिलिटी का कोहरा पड़ सकता है.

Advertisement

विभाग के आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले सुपर कंप्यूटर अब वेदर मॉडल के जरिए यह बता रहे हैं कि उत्तर-पश्चिम भारत के तमाम इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे बने रहेंगे. वहीं दूसरी तरफ वातावरण में पूरब से आ रही हवाओं के चलते नमी की मात्रा 90 फीसदी से ऊपर बनी रहेगी.

इन सबके बीच अगले 48 घंटों तक हवा की रफ्तार काफी सुस्त रहेगी. इसका सीधा सा मतलब यह हुआ कि उत्तर-पश्चिम भारत में घने कोहरे के लिए अनुकूल स्थितियां बनी हुई हैं. एक खास बात यह है कि 1 जनवरी से उत्तर भारत में बह रही हवाओं में हिमालय से आ रही ठंडी हवाएं भी मिलना शुरू हो जाएंगी. इससे रात के तापमान के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट आने की पूरी संभावना है. यानी नए साल पर उत्तर भारत के तमाम इलाकों में दिन के तापमान में गिरावट आएगी.

Advertisement

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में जोरदार ठंड पड़ रही है. यहां पर अधिकतर जगहों पर दिन के तापमान 20 डिग्री सेल्सियस नीचे जा चुके हैं और कई जगहों पर 15-16 डिग्री सेल्सियस के आस-पास बने हुए हैं.

दूसरी तरफ नए साल पर उत्तर पश्चिम हिमालय के तमाम इलाकों में 3 तारीख से बारिश और बर्फबारी की संभावना भी बन रही है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस 3 जनवरी से जम्मू कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के तमाम इलाकों में बादलों की आवाजाही के बीच मौसम में बदलाव लेकर आएगा. ऐसा अनुमान है कि यह वेदर सिस्टम धीमी गति से आगे बढ़ेगा और इसकी वजह से नीची पहाड़ियों से लेकर ऊंचे पर्वतों तक बारिश और बर्फबारी जोरदार तरीके से होगी. इन स्थितियों में यह साफ तौर पर कहा जा सकता है की जनवरी की शुरुआत जोरदार जाड़े से होगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »