ये बात सही है कि मशीनें आपका काम आसान कर देती है, लेकिन कई बार मशीनें मुश्किल भी बन जाती हैं. तेलंगाना के महबूबाबाद जिले में कुछ ऐसा ही मामला सामना आया है. दरअसल, हुआ यूं कि तेलंगाना में मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की अटेंडेंस के लिए फेस के जरिए अटेंडेंस लगाने वाली मशीनें लगाई गई थीं. मशीन लगाने का इरादा तो ये था कि अटेंडेंस में कोई धोखा नहीं हो, लेकिन इस केस में खुद मशीन ही धोखा गई.
यहां लगी फेसियल रिकग्निशन सिस्टम ने एक मजदूर को पहचानने से ही मना कर दिया और इसकी वजह ये थी कि उस शख्स ने मंदिर में अपने बाल दान कर दिए थे और सिर मुंडवा लिया था. अब जब वो शख्स बाल मुंडवा कर काम पर गया और मशीन के सामने फेस किया तो मशीन ने शख्स को पहचानने से ही मना कर दिया. लेकिन, ये मामला रोचक उस वक्त हो गया, जब एक महिला ने एक जुगाड़ निकाला और अपने लंबे बाल उस मजदूर के सिर पर रख दिए. इसके बाद महिला का ये जुगाड़ काम कर गया और मशीन ने ग्रीन सिग्नल दे दिया.
मशीन के इस कारनामे और महिला के इस जुगाड़ की काफी चर्चा हो रही है. ये बात है महबूबाबाद के गांव कोमाटिपल्ली की, जहां मजदूर श्रीनिवास कुछ समय पहले कोंडागट्टू अंजनेया स्वामी मंदिर गए थे, जहां उन्होंने एक धार्मिक अनुष्ठान के तहत अपने बाल अर्पित किए थे. गुरुवार को श्रीनिवास रोजगार गारंटी योजना के तहत काम पर लौटे, लेकिन उनके सिर पर बाल नहीं थे.
जब सुपरवाइज़र ने ऐप के जरिए उनकी फेस स्कैनिंग करने की कोशिश की, तो सिस्टम उन्हें पहचान नहीं पाया क्योंकि उनके सिर पर बाल नहीं थे. इससे उनकी हाजिरी को लेकर भ्रम और संदेह की स्थिति बन गई. इसी दौरान मौके पर मौजूद एक महिला मजदूर ने एक समाधान सुझाया. उसने अपने बाल श्रीनिवास के मुंडे हुए सिर पर रख दिए ताकि फिर से स्कैन किया जा सके. जब सुपरवाइज़र ने दोबारा ऐप से स्कैन किया, तो इस बार सिस्टम ने उन्हें पहचान लिया और उनकी हाजिरी दर्ज हो गई.
ये पूरी घटना कैमरे कैद हो गई है और उसमें दिख रहा है कि किस तरह से एक महिला अपने बालों से दूसरे साथी मजदूर की अटेंडेंस लगवाने में मदद कर रही है. हालांकि, इसके बाद सवाल ये भी उठ रहे हैं कि इस फेसियल रिकग्निशन तकनीक में अभी भी कई कमियां मौजूद हैं, जिनपर ध्यान देना जरूरी है.
अब्दुल बशीर