सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसे देख लोगों की आंखें नम हो रही है. वीडियो में एक छोटी बच्ची अपने दिवंगत (मरे हुए) पिता की तस्वीर के सामने खड़ी होकर उनसे ऐसे सवाल पूछती है, जिनका जवाब अब शायद कभी नहीं मिल सकता. उसकी मासूम बातें सुनकर हर किसी का दिल भर आ रहा है.
इस पोस्ट पर 3.5 मिलियन व्यूज हैं और इस पर 5 हजार से ज्यादा लोगों ने कमेंट किया है. बच्ची तस्वीर को देखते हुए कहती है- मम्मी मना करती थी न दारू पीने, आप नहीं माने... सबके पापा हैं, आप दारू पीकर मर गए. क्यों बताइए? जल्दी बताइए, नहीं तो मैं नाराज हो जाऊंगी.
मासूम सवाल में छिपा है गहरा दर्द
इन शब्दों में सिर्फ एक बच्ची का सवाल नहीं, बल्कि उस दर्द की झलक है जिसे वह कम उम्र में ही झेलने को मजबूर हो गई. उसे शायद अभी मौत का मतलब पूरी तरह समझ नहीं आता, लेकिन इतना जरूर समझ आ गया है कि उसके पापा अब कभी वापस नहीं आएंगे. शराब की लत केवल उस व्यक्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचाती जो इसका सेवन करता है, बल्कि उसके पूरे परिवार को प्रभावित करती है. कई बार लोग यह सोचकर शराब पीते रहते हैं कि इससे सिर्फ उनकी सेहत पर असर पड़ेगा, लेकिन हकीकत में इसका सबसे बड़ा असर उनके बच्चों, पत्नी और माता-पिता पर पड़ता है.
जब परिवार का कोई सदस्य शराब की वजह से अपनी जान गंवा देता है, तो पीछे छूट जाने वाले लोगों की जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है. बच्चों के सिर से पिता का साया उठ जाता है. उनकी परवरिश, पढ़ाई और भविष्य पर गहरा असर पड़ता है. सबसे दुखद बात यह है कि छोटे बच्चे अक्सर यह समझ ही नहीं पाते कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ. वीडियो में बच्ची बार-बार अपने पिता से जवाब मांगती है. उसकी आवाज में गुस्सा भी है, शिकायत भी और अपने पिता को वापस पाने की एक मासूम चाहत भी. वह सोचती है कि अगर उसके पापा ने मम्मी की बात मान ली होती और शराब नहीं पी होती, तो शायद आज वह भी दूसरे बच्चों की तरह अपने पिता के साथ खेल रही होती.
वीडियो ने लोगों को किया भावुक
यही वजह है कि यह वीडियो लाखों लोगों के दिल को छू रहा है. यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं है, बल्कि उन अनगिनत परिवारों की हकीकत है जो शराब की लत के कारण अपनों को खो चुके हैं. यह घटना हमें एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती है.
कोई भी नशा थोड़े समय के लिए खुशी दे सकता है, लेकिन उसके परिणाम कई बार जीवनभर का दर्द बन जाते हैं. शराब की वजह से होने वाली बीमारियां, सड़क दुर्घटनाएं और अन्य हादसे हर साल हजारों परिवारों को प्रभावित करते हैं.
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