नोटबंदी के कारण नहीं हो पा रही 'भगवान' की शादी...

नोटबंदी के कारण रोजमर्रा का जीवन तो प्रभावित हो ही रहा है लेकिन इसी के साथ शादी-विवाह के इस सीजन में लोगों को कई बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. रतलाम में भी भगवान की शादी का ऐसा ही एक मामला सामने आया है...

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नोटबंदी के कारण रूका तुलसी विवाह नोटबंदी के कारण रूका तुलसी विवाह

वन्‍दना यादव

  • रतलाम,
  • 28 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 11:53 AM IST

नोटबंदी से हुई नकदी की कमी के कारण केवल इंसान का ही नहीं, बल्कि भगवान का भी विवाह समारोह मुश्किल में पड़ गया है. यह सुनने में कुछ अजीब लग सकता है, मगर यह हकीकत है.

मध्य प्रदेश के रतलाम में एक दिसंबर को चार भुजानाथ और तुलसी का विवाह होने वाला है और इस आयोजन के लिए मंदिर संचालकों को बैंक से दो लाख रुपये नहीं मिल पा रहे हैं.

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वर्षों से चली आ रही परंपरा पड़ी खतरे में
देश के अन्य हिस्सों की तरह मध्य प्रदेश में भी शादियों में नकदी की कमी की खबरें आ रही हैं. मगर रतलाम जिले के नामली कस्बे से भगवान की शादी संकट में पड़ गई है. यहां कुमावत समाज के चार भुजानाथ मंदिर में वर्षों से चली आ रही परंपरा के मुताबिक चार भुजानाथ और तुलसी का विवाह समारोह आयोजित किया जाता है. मंदिर के बैंक खाते में काफी रकम है, लेकिन आयोजकों को रकम निकालने की इजाजत नहीं मिल रही है.

बैंक वालों ने कहा, भगवान के पिता को साथ लेकर आओ
कुमावत समाज के राजेश भरावा ने बताया कि बैंक से उन्हें दो लाख रुपये नहीं दिए जा रहे हैं, उन्हें मंदिर के खाते से अधिकतम दो हजार रुपये निकालने को कहा जा रहा है. समाज के लोगों का कहना है कि वे जब कार्ड लेकर ग्रामीण बैंक रकम निकलने पहुंचे, तब बैंक के अधिकारियों ने उनसे कहा कि चार भुजानाथ के पिता को लेकर आओ, तभी दो लाख रुपये निकाले जा सकेंगे.

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विवाह समारोह में लगती है अच्छी खासी भीड़
रतलाम के जिलाधिकारी ने कहा कि यह बात सही है कि नामली के एक व तुलसी का विवाह समारोह आयोजित हो रहा है, जिसके लिए आयोजकों द्वारा बैंक के खाते से दो लाख रुपये निकालने की मांग की गई. मगर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का ऐसा कोई निर्देश नहीं है जिसके तहत ढाई लाख रुपये की रकम उन्हें विवाह समारोह के लिए दी जा सकती है.


इस समारोह में रतलाम के अलावा मंदसौर, नीमच, झाबुआ, इंदौर, बड़वानी आदि स्थानों से बड़ी संख्या में लोग हिस्सा लेने आते है.

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