अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीजफायर की घोषणा के बाद ईरान में अचानक माहौल बदल गया. लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच यह खबर राहत लेकर आई. जैसे ही ऐलान हुआ, लोगों ने इसे सकारात्मक संकेत माना और सड़कों पर निकलकर खुशी जाहिर करनी शुरू कर दी.
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राजधानी तेहरान में बड़ी संख्या में लोग रात के समय सड़कों पर जुटे. अलग-अलग इलाकों में भीड़ दिखाई दी, जहां लोग एक-दूसरे को बधाई दे रहे थे. शहर के प्रमुख चौक और सड़कों पर अचानक जश्न जैसा माहौल बन गया, जो देर रात तक जारी रहा.
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लोगों के हाथों में ईरान के राष्ट्रीय झंडे थे, जिन्हें वे गर्व के साथ लहरा रहे थे. कई लोग नारे लगा रहे थे और इस मौके को 'जीत' के रूप में पेश कर रहे थे. यह दृश्य दिखाता है कि आम जनता इस सीजफायर को कितनी बड़ी राहत और उपलब्धि मान रही है.
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प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी भी सुनाई दी. इससे यह साफ होता है कि हालिया तनाव ने लोगों की भावनाओं को गहराई से प्रभावित किया है. जश्न के साथ-साथ राजनीतिक गुस्सा भी इन प्रदर्शनों में नजर आया.
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कई लोगों का मानना है कि यह सीजफायर सिर्फ एक अस्थायी राहत है, लेकिन फिर भी इससे आम जिंदगी में थोड़ी स्थिरता लौटने की उम्मीद जगी है. लोग इसे एक ऐसे मौके के रूप में देख रहे हैं, जहां से आगे बातचीत के रास्ते खुल सकते हैं.
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जश्न के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त नजर आई. प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित रखने की कोशिश की ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. हालांकि माहौल ज्यादातर शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से सतर्कता बरती गई.
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यह सीजफायर केवल दो हफ्तों के लिए लागू किया गया है, इसलिए भविष्य को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है. लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या यह अस्थायी समझौता आगे चलकर स्थायी शांति में बदल पाएगा या फिर तनाव फिर से बढ़ सकता है.
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प्रदर्शन के दौरान “डेथ टू अमेरिका” और “डेथ टू इजरायल” जैसे नारे भी लगाए गए. इससे यह साफ हुआ कि जश्न के साथ-साथ लोगों में गुस्सा भी मौजूद है. हालिया तनाव ने जनता की भावनाओं को गहराई से प्रभावित किया है, जो इन नारों में साफ झलकता है.
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