समुद्र किनारे की ये 5 चीजें घर लाना है अपराध, जा सकते हैं जेल!

समुद्र तट की सैर करते समय हमारी एक छोटी सी लापरवाही हमें बड़ी मुसीबत में डाल सकती है. प्रकृति के इस खजाने को बचाने और भारी जुर्माने या जेल से बचने के लिए पर्यटकों को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए?

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समुद्र से सिर्फ खूबसूरत तस्वीरें साथ लाएं (Photo: AP) समुद्र से सिर्फ खूबसूरत तस्वीरें साथ लाएं (Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 14 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:35 PM IST

समुद्र की लहरें और रेतीले किनारे हर किसी को सुकून देते हैं. छुट्टियों के जोश में अक्सर हम भूल जाते हैं कि हमारे छोटे-छोटे काम प्रकृति को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं. बीच पर टहलते समय हम अक्सर याद के तौर पर एक सुंदर सी सीपी उठा लेते हैं या मुट्ठी भर रेत साथ ले आते हैं. हमें लगता है कि जरा सी चीज से क्या होगा?, लेकिन असल में यह एक बड़ी गलती है.

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समुद्र का अपना एक नाजुक नियम होता है और इसे बिगाड़ना न केवल प्रकृति के लिए बुरा है, बल्कि कई जगहों पर यह कानूनन अपराध भी है. तो चलिए जानते हैं कि बीच वेकेशन के दौरान आपको समुद्र तट से कौन सी 5 चीजें कभी वापस नहीं लानी चाहिए.

1. समुद्री सीपियां

सीपियां देखने में बहुत सुंदर लगती हैं, लेकिन इनका असली घर समुद्र ही है. ये सिर्फ सजावट की चीज नहीं हैं, बल्कि हर्मिट केकड़ों जैसे छोटे जीवों का घर होती हैं. जब ये सीपियां टूटती हैं, तो रेत में मिलकर उसे मजबूत बनाती हैं. अगर हर पर्यटक सीपियां ले जाने लगेगा, तो समुद्री जीवों के रहने की जगह खत्म हो जाएगी. यही वजह है कि भारत, थाईलैंड और मालदीव जैसे देशों में तो सीपियां उठाना कानूनी जुर्म है और इसके लिए आपको भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.

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2. रेत, बजरी या पत्थर

हमें लगता है कि बीच पर तो ढेरों रेत है, थोड़ी सी ले जाने से क्या फर्क पड़ेगा? पर सच तो यह है कि यह रेत हजारों सालों में तैयार होती है. अगर लाखों पर्यटक मुट्ठी भर रेत भी साथ ले जाएं, तो समुद्र तट धीरे-धीरे सिकुड़ने लगते हैं. इससे समुद्र का किनारा कटने लगता है और पर्यावरण को भारी नुकसान होता है. कई देशों के एयरपोर्ट पर अगर आपके पास बीच की रेत मिलती है, तो उसे जब्त कर लिया जाता है और आप पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.

3. प्रवाल (कोरल) के टुकड़े

कोरल या प्रवाल समुद्र के फेफड़े कहे जाते हैं. चाहे कोरल जीवित हो या मृत, उसे अपनी जगह से हटाना समुद्री जीवन को बर्बाद करने जैसा है. मृत कोरल भी समुद्र के अंदर नए जीवन को पनपने में मदद करते हैं. जलवायु परिवर्तन की वजह से कोरल पहले ही खतरे में हैं, ऐसे में पर्यटकों द्वारा इन्हें स्मृति चिन्ह के रूप में घर ले जाना इनके अस्तित्व को पूरी तरह खत्म कर सकता है. याद रखें, कोरल के टुकड़े साथ ले जाने पर जेल तक हो सकती है.

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4. समुद्री जीव 

अक्सर लोग फोटो खिंचवाने या घर ले जाने के लिए स्टारफिश, केकड़े या समुद्री अर्चिन को उठा लेते हैं. स्टारफिश जैसे जीव पानी से बाहर निकलते ही दम तोड़ने लगते हैं. वहीं, अगर कोई जीव मर भी गया है, तो उसे समुद्र में ही रहने दें. मृत जीव सड़ने के बाद समुद्र और रेत को जरूरी पोषक तत्व देते हैं, जिससे कुदरत का चक्र चलता रहता है. वन्यजीव कानूनों के तहत समुद्री जीवों को परेशान करना सख्त मना है.

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5. सूखी लकड़ी और समुद्री घास 

समुद्र किनारे बहकर आई लकड़ी और समुद्री शैवाल हमें कचरा लग सकते हैं, लेकिन ये समुद्र तट की रक्षा करते हैं. समुद्री घास रेत को उड़ने से रोकती है और मिट्टी के कटाव को कम करती है. वहीं, बहकर आई लकड़ी छोटे कीड़ों और पक्षियों का बसेरा होती है. इन चीजों को वहीं रहने दें जहां ये हैं. इसलिए, बीच से आप सिर्फ अपनी यादें और फोटो साथ लाएं, वहां की प्राकृतिक संपदा को हाथ न लगाएं.
 

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