81 साल के पिता ने बेटे-बहू को बचाया, करने जा रहे थे डिजिटल अरेस्ट की सबसे बड़ी गलती

डिजिटल अरेस्ट से बेटे-बहू को एक 81 साल के पिता ने बचा लिया. बेटे को साइबर ठग ने डिजिटल अरेस्ट कर फंसाया, उसके बाद केस बंद करने के नाम पर 12 लाख रुपये मांगे, जिसके बाद पिता ने समझदारी दिखाते हुए बेटे और बहू को बचा लिया. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

Advertisement
बेटा केमिकल इंजीनियर है और डिजिटल अरेस्ट में फंसने जा रहा था. (Photo: ITG)  बेटा केमिकल इंजीनियर है और डिजिटल अरेस्ट में फंसने जा रहा था. (Photo: ITG) 

आजतक टेक्नोलॉजी डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:39 AM IST

साइबर ठगी से बचाने का एक केस सामने आया है, जहां 81 साल के बुजुर्ग पिता ने सूझ-बूझ का बड़ा उदाहरण दिया है. उन्होंने समझदारी दिखाते हुए अपने ही बेटे और पुत्र वधु को डिजिटल अरेस्ट होने से बाल-बाल बचा लिया है. यह मामला पुणे का है. 

पेशे से केमिकल इंजीनियर बेटे को एक दिन पहले एक अनजान नंबर से कॉल आया है. इसके बाद वे 12 लाख रुपये गंवाते-गंवाते बचे हैं. विक्टिम ने इसको लेकर एक कंप्लेंट भी दर्ज की है. 

Advertisement

वॉट्सऐप कॉल से शुरु किया डिजिटल अरेस्ट 

विक्टिम ने पुलिस कंप्लेंट में बताया है कि 19 अप्रैल को करीब सुबह 11 बजे उनको एक कॉल आया. विक्टिम को ये कॉल वॉट्सऐप पर रिसीव हुई थी. कॉलर ने बताया है कि वह मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के ऑफिसर हैं, जो असल में एक साइबर ठग था. 

फेक पार्सल का हवाला दिया 

साइबर ठग ने विक्टिम को बताया है कि उनके नाम से एक पार्सल मिला है, जिसको अथॉरिटी ने जब्त कर दिया है. पार्सल के अंदर 5 पासपोर्ट, ड्रग्स पाया गया है, जिसके बाद विक्टिम ने बताया है कि ये उनका पार्सल नहीं है.

फिर विक्टिम पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद सीनियर ऑफिसर के द्वारा एक हाई लेवल इनक्वायरी का सामने करने को कहा. 

सिग्नल मैसेजिंग ऐप इंस्टॉल करने का दबाव बनाया 

Advertisement

फिर साइबर क्रिमिनल्स ने विक्टिम और उनकी पत्नी पर दबाव बनाया कि वह सिग्नल मैसेजिंग ऐप इंस्टॉल करें. इसके बाद वीडियो कॉल जॉइन करने को कहा.

वीडियो कॉल पर दिखा 'फेक पुलिस वाला'

वीडियो कॉल पर एक आदमी पुलिस यूनिफॉर्म में नजर आ रहा था. उसने खुद को इनवेस्टीगेशन ऑफिसर बताया. इसके बाद विक्टिम दंपत्ती पर गंभीर आरोप लगाए गए और इस मामले के बारे में किसी और को ना बताने की सलाह दी गई. दोनों को घर पर ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया है. 

यह भी पढ़ें: 27 करोड़ स्मार्टफोन्स पर मंडराया हैकिंग का खतरा, वेबसाइट खोलते ही हैक हो सकता है फोन

देर रात तक चलती रही पूछताछ 

देर रात तक दोनों को तरह-तरह के आरोप लगाकर परेशान किया गया. इसके बाद विक्टिम से उनका आधार कार्ड और बैंक डिटेल्स मांगी गई. इसके बाद विक्टिम को बताया गया है कि अगर वह 12 लाख रुपये ट्रांसफर कर देंगे तो केस में से उनका नाम हटा दिया जाएगा.  

बेटे को परेशान देखकर पिता ने बचाया

डिजिटल अरेस्ट के दौरान बेटा परेशान सा नजर आता है. इसके बाद पिता ने बेटे से पूछा और फिर डिजिटल अरेस्ट का भंडाफोड़ हो गया. विक्टिम ने तुरंत पुलिस को पूरे मामले की जानकारी और कंप्लेंट दर्ज कराई. 

Advertisement

डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें? 

  1. घबराएं नहीं, कॉल काट दें : अगर कोई अरेस्ट या जेल की धमकी देता है, तो तुरंत कॉल को डिसकनेक्ट कर दें. 
  2. अनजान शख्स को पैसे न भेजें : डिजिटल अरेस्ट करने के बाद अगर सामने वाला शख्स गंभीर आरोपों से नाम हटाने, केस बंद करने या जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने को कहता तो सावधान हो जाएं. 
  3. डिटेल्स शेयर ना करें : अगर फोन कॉल करके कोई शख्स खुद को पुलिस, कस्टम ऑफिसर आदि बताता है. इसके बाद पर्सनल जानकारी मांगता तो सावधान हो जाएं और किसी के साथ भी बैंक डिटेल्स, आधार डिटेल्स आदि को शेयर ना करें. 

पुलिस, CBI आदि के नाम पर अगर कोई शख्स कॉल करता है और गंभीर आरोप लगता है. तो सबसे पहले बता देते हैं कि पुलिस कभी भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है. ऐसे में मामलों में कॉल काट दें और करीबी पुलिस स्टेशन पर जाकर संपर्क करें. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement