हम सभी ये जानते हैं कि इंटरनेट पॉर्न से भरा हुआ है. ये सिर्फ पॉर्न वेबसाइट्स पर ही नहीं बल्कि ब्लॉग्स से लेकर सोशल मीडिया तक में मौजूद है.
पर कितना प्रतिशत ? हर वेब पेज का कितना हिस्सा या जो किसी भी वेब पेज का कंटेट है वो न्यूड पिक्चर्स और नॉटी वीडियोज से भरा हुआ है?
जाहिर सी बात है कि इसे पता लगाना बहुत मुश्किल है. लेकिन कुछ स्टैटिक्स, कैलकुलेशन्स और अनुमान के मुताबिक ये 5-15 से फीसदी तक है.
कितनी है संख्या?
Psychology Today में जाने माने सेक्स राइटर माइकल कैशलमैन ने बताया है कि डेटा आमतौर पर राजिनीतिक कारणों से खत्म हो जाते हैं या सामने नहीं आ पाते.
कैशलमैन का कहना है कि पॉर्न हर तरफ फैला हुआ है और इससे बच्चों को बहुत खतरा है. Internet Safety मुताबिक केवल पॉर्न है.
एक और ग्रुप Covenant Eyes की रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2015 में पॉर्न अकेले 200 करोड़ बार सर्च किया गया था. ग्रुप ने ये भी दावा किया था कि 56 प्रतिशत तलाक पार्टनर्स के पॉर्न एडिक्ट होने की वजह से होता है. पर इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं है.
कैशलमैन ने 2012 में न्यूरोसाइंटिस्ट Ogi Ogas और Sai Gaddam की छपी किताब के हवाले से बताया कि इन ऑथर्स ने पूरी दुनिया में पॉर्न कंजप्शन के आंकड़े इकट्ठे करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए. जैसे उन्होंने हाल के वर्षों में 100 करोड़ मोस्ट विजिटेड वेबसाइट्स पर नजर रखा और बताया कि तकरीबन 42,337 साइट सेक्स रिलिटेड थे, जो कि केवल 4 प्रतिशत था न कि 30. इनके दूसरे आंकड़ों के मुताबिक 13 प्रतिशत लोग पॉर्न में सम्मिलित रहते हैं और सर्च इंजन पर पॉर्न सर्च की संख्या करीब 15 प्रतिशत है.
साकेत सिंह बघेल