सोशल नेटवर्क दिग्गज फेसबुक और उसके सहयोगी कंपनी Oculus को अमेरिका की एक अदालत ने इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट के उल्लंघन का दोषी पाया है और उसे जुर्माने के रूप में 50 करोड़ रुपये ZeniMax कंपनी को देने का आदेश दिया है.
दरअसल, ZeniMax ने Oculus के फाउंडर पाल्मर लकी और उनके साथियों पर वर्चुअल रियलिटी टेक्नोलॉजी को चोरी करने का मुकदमा दायर किया था. उन पर इल्जाम था कि उन्होंने को ZeniMax से चुराए गए सोर्स कोड से बनाया था.
Oculus Rift एक VR हेडसेट है जिसे Oculus ने बनाया था और इसे फेसबुक ने 2014 में खरीद लिया था.
ZeniMax जो अमेरिका की वीडियो गेम बनाने वाली कंपनी है उसने ये भी कहा कि Oculus VR एक पुराने जमाने वाला VR हेडसेट था जब तक उस पर काम नहीं किया था. जौन कारमेक पहले ZeniMax में नौकरी करते थे बाद में उन्होनें Oculus ज्वाइन कर लिया और अपने पुराने स्किल और जानकारी से Oculus VR को उन्नत बना दिया.
टेक्सस कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, Oculus ने झूठा ट्रेडमार्क बना कर कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन किया है. इस फैसले पर Oculus CNBC को दिए बयान में कहा कि वो इस फैसल से खुश नहीं हैं और वो इसके खिलाफ कोर्ट में अपील करेंगे.
फेसबुक के ने पहले कोर्ट में दिए अपने बयान में कहा था कि उन्हें Oculus और ZeniMax के बीच चले रहे इस कॉपीराइट के मामले की जानकारी नहीं थी.
साकेत सिंह बघेल