गूगल ने एंड्रॉयड ऐप्स की सिक्योरिटी के लिए शुरू किया बग बाउंटी प्रोग्राम..

गूगल ने कहा है, 'इस प्रोग्राम का मकसद ऐप सिक्योरिटी बढ़ाना है जो डेवेलपर्स के लिए फायदेमंद साबित होगी. इतना ही नहीं ये एंड्रॉयड यूजर्स और पूरे गूगल प्ले इकोसिस्टम के लिए फायदेमंद होगा.

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मुन्ज़िर अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

गूगल ने बग बाउंटी प्रोग्राम की शुरुआत की है. इसे एंड्रॉयड तो पहले से ज्यादा सिक्योर करने के लिहाज से किया गया है. दरअसल अब हैकर्स या सिक्योरिटी रिसर्चर्स को मौका दिया जा रहा है कि वो गूगल प्ले स्टोर में खामी ढूंढ कर गूगल को बताएं. गूगल ने ऐसा अपने कुछ मुख्य एंड्रॉयड ऐप्स के लिए किया है.

गूगल ने इस बग बाउंटी प्रोग्राम का नाम गूगल प्ले सिक्योरिटी रिवॉर्ड रखा है. इसके तहत हैकर्स और सिक्योरिटी रिसर्चर्स एंड्रॉयड ऐप्स के डेवेलेपर्स के साथ बग ढूंढने और उसे ठीक करने का काम करेंगे. इसके लिए गूगल ने 1,000 डॉलर की इनामी राशी तय की है.

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गूगल ने कहा है, 'इस प्रोग्राम का मकसद ऐप के लिए फायदेमंद साबित होगी. इतना ही नहीं ये एंड्रॉयड यूजर्स और पूरे गूगल प्ले इकोसिस्टम के लिए फायदेमंद होगा.

गौरतलब है कि गूगल ने इसके लिए बग बाउंटी प्लेटफॉर्म HackerOne के साथ पार्टर्नशिप की है डो इसे मैनेज करेगा. आपको बता दें कि HackerOne एक प्लेटफॉर्म है  जो बिजनेस और साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के बीच की कड़ी का काम करता है और यह इस तरह की सबसे बड़ा साइबर सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म है.

इस प्लेटफॉर्म के तहत हैकर्स गूगल को ऐप में मिली खामियों के बारे में रिपोर्ट कर सकेंगे जिसे उनके साथ ही मिलकर फिक्स किया जाएगा.

इस बग बाउंटी के तहत जो हैकर या हैं वो सीधे ऐप डेवेलपर को रिपोर्ट कर सकते हैं. एक बार खामी ठीक हो गई इसके बाद हैकर्स को बग रिपोर्ट हैकर वन के साथ शेयर करनी होगी. इन सब प्रक्रिया के बाद गूगल पैसा देगा. पैसे देने से पहले कंपनी ऐप की खामी की गंभीरता को देखेगी. फिलहाल इसके बारे में डीटेल से कंपनी ने नहीं बताया है.

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हैकर वन के मुताबिक सभी खामियों को डायरेक्ट ऐप डेवलपर को रिपोर्ट करना होगा.

बग बाउंटी के बारे में जानकारी नहीं है तो आपको बता दें कि दुनिय भर की बड़ी टेक कंपनियां जैसे फेसबुक और गूगल बग बाउंटी प्रोग्राम चलाती हैं. इसके तहत कुछ खामियों के बारे में पता लगाकर कंपनी को बताया जाता है जिसके बाद कंपनी रिवॉर्ड देची है. फेसबुक बग बाउंटी प्रोग्राम में भारतीय हैकर्स सबसे आगे हैं और उन्होंने फेसबुक की तरफ से करोड़ों रुपये बतौर इनाम जीते हैं. 

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