महज 19 साल की उम्र में मीरा एंड्रीवा ने वह कर दिखाया, जिसका सपना दुनिया भर के टेनिस खिलाड़ी देखते हैं. रूस की इस युवा टेनिस सनसनी ने शनिवार (6 जून) को फ्रेंच ओपन 2026 में महिला एकल खिताब जीत लिया. रोलां गैरो के सेंटर कोर्ट पर खेले गए फाइनल में आठवी सीड एंड्रीवा ने पोलैंड की क्वालिफायर माजा च्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराया. दोनों खिलाड़ियों के लिए यह पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल था.
मीरा एंड्रीवा ने ना सिर्फ अपना पहला ग्रैंड स्लैम टाइटल जीता, बल्कि टेनिस इतिहास में भी अपना नाम दर्ज करा लिया. इस जीत के साथ एंड्रीवा मोनिका सेलेस (1992) के बाद फ्रेंच ओपन जीतने वाली सबसे युवा महिला खिलाड़ी बन गईं. 34 साल बाद किसी किशोर खिलाड़ी ने पेरिस की लाल मिट्टी पर ऐसा कारनामा किया है. यह उपलब्धि एंड्रीवा को महिला टेनिस की नई सुपरस्टार के रूप में स्थापित करने के लिए काफी है.
शुरुआती कुछ गेम तक मुकाबला बराबरी का नजर आया और माजा च्वालिंस्का ने 3-2 की बढ़त भी हासिल कर ली थी. लेकिन इसके बाद कोर्ट पर सिर्फ मीरा एंड्रीवा का जादू चला. रूसी खिलाड़ी ने अपने आक्रामक खेल और सटीक शॉट्स के दम पर लगातार नौ गेम जीत लिए. माजा च्वालिंस्का के पास एंड्रीवा के हमलों का कोई जवाब नहीं था.
मैच के दौरान मीरा एंड्रीवा ने 25 विनर्स लगाए, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी सिर्फ 10 विनर्स ही लगा सकीं. जैसे ही एंड्रीवा ने मैच प्वाइंट पर शानदार बैकहैंड विनर लगाया, उन्होंने रैकेट हवा में उछाल दिया और क्ले कोर्ट पर घुटनों के बल बैठकर जीत का जश्न मनाया. यह पल उनके करियर के सबसे यादगार पलों में शामिल हो गया।
ट्रॉफी समारोह में मीरा एंड्रीवा का भावुक पक्ष भी सामने आया. उन्होंने सबसे पहले खुद को धन्यवाद देते हुए कहा, 'मैं खुद का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं कि मैंने हमेशा खुद पर भरोसा रखा. मुश्किल समय में भी हार नहीं मानी. हर दिन बेहतर खिलाड़ी और बेहतर इंसान बनने की कोशिश की, सिर्फ मैं जानती हूं कि इन दो हफ्तों में मैंने कितनी मानसिक लड़ाई लड़ी और कितना दबाव झेला.'
मीरा एंड्रीवा पहली बार मैड्रिड ओपन 2023 के दौरान चर्चा में आई थीं. तब वह सिर्फ 15 साल की थीं और उन्होंने दुनिया के बड़े खिलाड़ियों को चुनौती देकर सभी को चौंका दिया था. इसके बाद उनका करियर लगातार ऊपर की ओर बढ़ता गया. साइबेरिया में जन्मी एंड्रीवा ने अपने खेल को निखारने के लिए परिवार के साथ रूस से फ्रांस का रुख किया. वहां उन्होंने अपने खेल पर लगातार काम किया और अब ग्रैंड स्लैम चैम्पियन बनकर दुनिया को दिखा दिया कि उन्हें भविष्य की स्टार क्यों कहा जाता था.
हालांकि फाइनल हारने के बावजूद माजा च्वालिंस्का ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया. 114वीं रैंकिंग की यह पोलिश खिलाड़ी क्वालिफायर के तौर पर टूर्नामेंट में उतरी थीं और इतिहास रचने से सिर्फ एक कदम दूर रह गईं. अब तक किसी भी क्वालिफायर खिलााड़ी ने फ्रेंच ओपन में महिला एकल खिताब नहीं जीता है.
फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि महिला टेनिस में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है. जिस आत्मविश्वास, तकनीक और मानसिक मजबूती का प्रदर्शन मीरा एंड्रीवा ने पूरे टूर्नामेंट में किया, उसने साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में वह महिला टेनिस पर राज कर सकती हैं.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क