Harbhajan Singh: 'बाकी 10 लस्सी पीने गए थे', जीत का क्रेडिट एमएस धोनी को देने पर भड़के हरभजन

फाइनल मुकाबले में गौतम गंभीर, युवराज सिंह जैसे प्लेयर्स ने भी टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन काफी लोग जीत का क्रेडिट कप्तान धोनी को देते हैं.

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हरभजन सिंह (getty) हरभजन सिंह (getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 10:38 PM IST
  • भारत ने जीता था 2011 क्रिकेट विश्व कप
  • एमएस धोनी ने बनाए थे नाबाद 91 रन

टीम इंडिया ने आखिरी बार क्रिकेट विश्व कप खिताब साल 2011 में जीता था. वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को छह विकेट से मात दी थी. फाइनल मुकाबले में कप्तान एमएस धोनी ने नाबाद 91 रनों की पारी खेली थी. खास बात यह है कि इस दौरान धोनी ने नुवान कुलासेकरा की गेंद पर जो विजयी छक्का जड़ा था, वह भारतीय फैन्स के जेहन में बस चुका है.

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धोनी को दिया जाता है क्रेडिट

फाइनल मुकाबले में गौतम गंभीर, युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों ने भी टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन काफी लोग फाइनल मुकाबले में जीत का क्रेडिट एमएस धोनी को देते आए है. अब उस फाइनल मुकाबले में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहे स्पिनर हरभजन सिंह इस मसले पर बिफर पड़े है.

हरभजन ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, 'जब ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप जीतता है तो उस वक्त हर कोई कहता है कि ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप जीता. उस समय जब भारत ने विश्व कप जीता था, तो लोगों ने कहा कि एमएस धोनी ने विश्व कप जीता. तो बाकी के 10 वहां लस्सी पीने गए थे? अन्य 10 खिलाड़ियों ने क्या किया? गौतम गंभीर ने क्या किया? दूसरों ने क्या किया? यह एक टीम गेम है. जब 7-8 खिलाड़ी अच्छा खेलेंगे तभी आपकी टीम आगे बढ़ेगी.'

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दो साल पहले गौतम गंभीर ने भी एमएस धोनी के विजयी छह को दिखाते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट पर नाराजगी जाहिर की थी. गंभीर ने कहा था कि 2011 का विश्व कप पूरे भारत, पूरी भारतीय टीम और सभी के सपोर्ट से जीता गया था.

गंभीर ने बनाए थे 97 रन

फाइनल मैच में महेंद्र सिंह धोनी को 79 गेंदों में नाबाद 91 रन बनाने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था. लेकिन गौतम गंभीर ने टीम के लिए सबसे ज्यादा 97 रनों की पारी खेली थी. शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद गंभीर ने विराट कोहली के साथ तीसरे विकेट के लिए 83 रन की साझेदारी कर टीम को संभाल लिया था. गंभीर को थिसारा परेरा ने आउट किया था, जिसके बाद धोनी  ने युवराज सिंह के साथ मिलकर टीम को जीत के द्वार तक पहुंचा दिया.

 

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