सोमवार (15 जून) को इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के बीच दांबुला में खेले गए ट्राई सीरीज मुकाबले में एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जो क्रिकेट मैदान पर बेहद कम देखने को मिलता है. युवा ऑलराउंडर विप्रज निगम की एकाग्रता में आई चूक इंडिया-ए के लिए महंगी साबित हुई और टीम को कुल 10 रनों की पेनल्टी झेलनी पड़ी. यह घटना इतनी असामान्य थी कि कमेंटेटर्स से लेकर फैन्स तक सभी हैरान रह गए.
इंडिया-ए की पारी शुरुआती विकेट्स जल्द गिरने के चलते मुश्किल दौर से गुजर रही थी. शीर्ष क्रम के बल्लेबाज सस्ते में आउट हो चुके थे और टीम एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रही थी. ऐसे समय में विप्रज निगम से निचले क्रम में कुछ उपयोगी रन बनाने की उम्मीद थी, जिसपर वो खरे भी उतरे. लेकिन उनकी बल्लेबाजी से ज्यादा चर्चा उनकी एक बड़ी गलती की होने लगी.
दरअसल, इंडिया-ए के बल्लेबाज अनुकूल रॉय को पहले ही पिच के 'प्रोटेक्टेड एरिया' पर दौड़ने के लिए आधिकारिक चेतावनी मिल चुकी थ. क्रिकेट के नियमों के अनुसार एक बार चेतावनी जारी होने के बाद उसी टीम का कोई भी बल्लेबाज दोबारा यह गलती करता है तो फील्डिंग टीम को पांच रन का पेनल्टी बोनस दिया जाता है.
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विप्रज निगम जब बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आए तो 35वें ओवर में पहली बार वह पिच के बीचों-बीच बने प्रोटेक्टेड एरिया पर दौड़ गए. अंपायरों ने तुरंत नियम लागू करते हुए श्रीलंका-ए को 5 रन दे दिए. यह झटका इंडिया-ए के लिए काफी था, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि विप्रज निगम ने कुछ ही देर बाद फिर वही गलती दोहरा दी.
37वें ओवर में स्पिनर कुगाथास मथुलन की गेंद को थर्ड मैन की दिशा में खेलकर विप्रज निगम रन के लिए दौड़े, लेकिन इस दौरान वह फिर सीधे पिच के बीचों-बीच दौड़ गए. उनके साथी बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे ने उन्हें वापस भेज दिया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी. अंपायरों ने दूसरी बार भी पांच रनों की पेनल्टी लगा दी.
इस तरह भारत A के खाते से कुल 10 रन चले गए और श्रीलंका-ए को बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के 10 रनों का फायदा मिल गया. जब श्रीलंका की बल्लेबाजी शुरू हुई तो उसके स्कोर में पहले से ही 10 रन जुड़े हुए थे.
क्या है 'प्रोटेक्टेड एरिया' रूल
क्रिकेट के खेल में पिच का मध्य भाग, जहां गेंद सबसे ज्यादा टप्पा खाती है, वो 'प्रोटेक्टेड एरिया' कहलाता है. बल्लेबाजों को निर्देश दिया जाता है कि वे रन लेते समय इस हिस्से पर न दौड़ें. स्पाइक्स वाले जूतों से बार-बार इस हिस्से पर दौड़ने से पिच खराब हो सकती है, जिससे गेंद की उछाल, टर्न और गति प्रभावित होती है.
इसी वजह से आईसीसी के नियम इस मामले में बेहद सख्त हैं. पहली गलती पर चेतावनी दी जाती है, लेकिन उसके बाद हर उल्लंघन पर फील्डिंग टीम को पांच रन का बोनस मिलता है.
विप्रज निगम की इस गलती ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरीं. कई क्रिकेट फैन्स ने इसे अनुभव की कमी बताया, जबकि कुछ ने कहा कि दबाव में युवा खिलाड़ी अपना फोकस खो बैठा. हालांकि, यह घटना विप्रज के लिए एक बड़ा सबक जरूर साबित होगी.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क