आईपीएल 2026 में जब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दुनिया के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी की, तो क्रिकेट जगत को एक नया सुपरस्टार मिल गया. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके पुराने वीडियो और तस्वीरें बताते हैं कि यह सफलता अचानक नहीं आई. इसके पीछे बचपन से शुरू हुई एक लंबी तपस्या, परिवार का त्याग और एक बच्चे का अटूट जुनून छिपा है.
आज जिस वैभव की बल्लेबाजी पर दुनिया हैरान होती है, उसकी झलक 7 साल की उम्र में ही दिखाई देने लगी थी. एक पुराने वीडियो में नन्हा वैभव नेट्स में बार-बार ग्राउंडेड ड्राइव और एक खास फ्लिक शॉट का अभ्यास करता नजर आता है. दिलचस्प बात यह है कि यही फ्लिक शॉट बाद में आईपीएल 2026 में कगिसो रबाडा जैसे तेज गेंदबाज के खिलाफ उनके बल्ले से लगभग उसी अंदाज में निकला. ऐसा लगता है जैसे वह शॉट किसी बड़े मैच में नहीं, बल्कि बचपन के उन्हीं नेट्स में तैयार हो चुका था.
वैभव की कहानी का सबसे प्रेरणादायक अध्याय कोविड लॉकडाउन के दिनों में मिलता है. जब ज्यादातर बच्चे मोबाइल गेम्स, वेब सीरीज और सोशल मीडिया में समय बिता रहे थे, तब बिहार का यह लड़का 45 डिग्री सेल्सियस की झुलसा देने वाली गर्मी में अपनी छत और नेट्स पर बल्लेबाजी की ड्रिल कर रहा था. वायरल वीडियो में 9-10 साल का वैभव कोन्स लगाकर लगातार शॉट्स का अभ्यास करता दिखाई देता है. हर दिन घंटों पसीना बहाने वाला यह बच्चा तब शायद अपने सपनों की नींव रख रहा था.
एक अन्य वीडियो में 8 साल का वैभव अपने पिता के साथ तेज धूप में रोज 5-6 घंटे अभ्यास करता दिखता है. क्रिकेट में प्रतिभा आपको शुरुआत दिला सकती है, लेकिन उसे मुकाम तक पहुंचाने के लिए जिस समर्पण की जरूरत होती है, वह इन वीडियो में साफ नजर आता है. वैभव के पिता ने सिर्फ बेटे का साथ नहीं दिया, बल्कि उसके सपने को अपना सपना बना लिया.
सोशल मीडिया पर वायरल एक और वीडियो 2022 का है, जब वैभव सिर्फ 10 साल के थे. उस समय उनका मासूम चेहरा, शांत स्वभाव और विनम्र बातचीत लोगों का ध्यान खींच रही है. इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनका घर बिहार के समस्तीपुर में है और वह 3-4 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहे हैं. हर सवाल का जवाब उन्होंने बड़ी शालीनता से दिया. आज जब वही बच्चा आईपीएल में रिकॉर्ड बना रहा है, तो यह वीडियो उसकी यात्रा का सबसे खूबसूरत दस्तावेज लगता है.
वैभव की जड़ों की सादगी एक और वायरल वीडियो में दिखाई देती है. घर पर बने साधारण कंक्रीट नेट में वह फुल किट पहनकर लाल गेंद से बल्लेबाजी कर रहे हैं. पीछे स्टंप्स के पास एक कुर्सी पर बैठा उनका छोटा भाई चुपचाप उन्हें देख रहा है. दृश्य बेहद सामान्य है, लेकिन इसी सादगी में असाधारण सपनों की कहानी छिपी हुई है. करोड़ों की लीग में खेलने वाला यह खिलाड़ी आज भी उसी मेहनत और अनुशासन की पहचान बना हुआ है.
उनके क्रिकेट सफर की एक और झलक उस वीडियो में मिलती है, जिसमें 12 साल के वैभव बिहार के स्थानीय मैटिंग क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलते नजर आते हैं. न कोई बड़ी सुविधा, न कोई हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट, लेकिन बल्लेबाजी में वही आत्मविश्वास और आक्रामकता दिखती है, जिसने बाद में उन्हें देशभर में पहचान दिलाई.
लेकिन शायद सबसे भावुक तस्वीर वह है जिसमें करीब 9 साल पहले वैभव अपने पिता की गोद में बैठकर IPL टीम Rising Pune Supergiant को सपोर्ट करने स्टेडियम पहुंचे थे. उस दिन वह दर्शक दीर्घा में अपने हीरो खिलाड़ियों को देख रहे थे. किसे पता था कि कुछ साल बाद वही बच्चा आईपीएल का हीरो बन जाएगा और लाखों बच्चे उसे देखकर क्रिकेटर बनने का सपना देखेंगे.
अब वक्त बदल चुका है. हाल ही में पटना में शोरूम के उद्घाटन में वैभव मुख्य आकर्षण बने. उन्होंने रिबन काटा और शानदार प्रदर्शन के सम्मान में उन्हें एक भी भेंट की गई. कभी तपती छत पर बल्लेबाजी की प्रैक्टिस करने वाला लड़का आज सम्मान और लोकप्रियता की नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है.
इन सभी वीडियो और तस्वीरों को जोड़कर देखें तो एक बात साफ समझ आती है. वैभव सूर्यवंशी की कहानी सिर्फ क्रिकेट की नहीं है. यह उस मेहनत की कहानी है जो किसी कैमरे में कैद नहीं होती, उस पिता की कहानी है जो बेटे के सपनों के लिए अपना सब कुछ लगा देता है, और उस बच्चे की कहानी है जिसने खेल को सिर्फ खेल नहीं, अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया.
आज लोग आईपीएल में वैभव सूर्यवंशी के चौके-छक्के देखते हैं, लेकिन उनकी असली जीत उन दिनों में लिखी गई थी जब 45°C की गर्मी में एक बच्चा छत पर खड़ा होकर बार-बार वही शॉट खेल रहा था, जो एक दिन उसे क्रिकेट की दुनिया का नया सितारा बना देगा.
विश्व मोहन मिश्र