आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 में गेंदबाजों के होश उड़ाने वाले वैभव सूर्यवंशी का जादू अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रह गया है. महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट जगत में सनसनी मचा चुके इस युवा बल्लेबाज को रोकने के लिए अब विरोधी टीमें अलग से रणनीति बनाने लगी हैं. सोमवार (15 जून) को दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए मुकाबले ने इसका ताजा उदाहरण पेश किया, जहां मेजबान टीम पूरी तैयारी के साथ वैभव का विकेट लेने उतरी थी.
वैभव सूर्यवंशी जब क्रीज पर आए तो श्रीलंकाई खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज से ही साफ नजर आ रहा था कि उनका पूरा फोकस इस युवा बल्लेबाज पर है. आईपीएल में चौके-छक्कों की बरसात करने वाले वैभव को खुलकर खेलने का मौका नहीं देने के लिए श्रीलंका-ए ने शुरुआत से ही खास फील्ड सेट की और गेंदबाजों को स्पष्ट योजना के साथ लगाया.
इंडिया-ए के सलामी बैटर वैभव सूर्यवंशी ने दूसरे ओवर में तेज गेंदबाज चमिका गुणसेकरा की धुनाई की. उस ओवर में उन्होंने दो चौके के अलावा एक छक्का लगाया. इसके बाद श्रीलंका ने वो चाल चला, जो वो पहले से ही सोचकर आए थे. कप्तान सहान अराचिगे ने खुद को चौथे ही ओवर में मोर्चे पर लगा लिया. अराचिगे की पहली गेंद पर वैभव ने चौका जड़ा और अगली गेंद पर सिंगल लिया.
उसी ओवर में जब वैभव दोबारा स्ट्राइक पर आए तो स्पिनर साहन अराचिगे ने उन्हें आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने के लिए उकसाया. गेंद पिच पर पड़ने के बाद बाहर की ओर टर्न हुई और पहले से ड्राइव के लिए कमिट हो चुके वैभव टाइमिंग नहीं बैठा सके. गेंद सीधा पॉइंट की दिशा में गई, जहां वानुजा सहान ने कैच लपककर उनकी पारी का अंत कर दिया. यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि उस योजना की सफलता थी जिस पर श्रीलंकाई टीम ने खास मेहनत की थी.
IPL में किया था रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
कुछ महीने पहले तक वैभव सूर्यवंशी सिर्फ एक उभरता हुआ नाम थे, लेकिन आईपीएल 2026 ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया. उन्होंने 16 पारियों में 776 रन ठोककर ऑरेंज कैप हासिल किया. इतना ही नहीं, पूरे सीजन में 72 छक्के लगाकर उन्होंने क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. जब कोई बल्लेबाज इतने कम समय में इतने बड़े रिकॉर्ड बना देता है, तो विरोधी टीमों की नजरें भी उस पर टिक जाती हैं. यही वजह है कि अब हर टीम वैभव के लिए अलग रणनीति तैयार कर रही है.
हालांकि इंडिया-ए के लिए खेलते हुए वैभव अब तक अपने आईपीएल वाले अंदाज में नजर नहीं आए हैं. श्रीलंका-ए के खिलाफ पहले मैच में वह 14 रन बनाकर आउट हुए थे. अफगानिस्तान-ए के खिलाफ उन्होंने 22 गेंदों पर 44 रनों की तेज पारी खेली, लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल सके. अब श्रीलंका-ए के खिलाफ दूसरे मुकाबले में भी वह सिर्फ 21 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. इन आंकड़ों से यह जरूर लग सकता है कि उनका बल्ला शांत हो गया है, लेकिन दूसरी तस्वीर यह भी है कि विरोधी टीमें अब उन्हें साधारण बल्लेबाज की तरह नहीं देख रहीं. हर मैच में उनके खिलाफ अलग प्लान बनाया जा रहा है और गेंदबाज उनकी कमजोरियां तलाशने में जुटे हैं.
वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय सीनियर टीम में शामिल कर लिया गया है. साथ ही एशिन गेम्स 2026 स्क्वॉड का भी वो हिस्स बने हैं. 15 साल और 71 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम का बुलावा पाने वाले वैभव ने इस मामले में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया.
आजतक स्पोर्ट्स डेस्क